बेटे पर हमला किया तो लेपर्ड से भिड़ा पिता:दरांती से लगातार वार कर घायल किया, जान बचाकर भागे तेंदुए ने दम तोड़ा

बीकानेर में खेत में काम कर रहे किसान पर लेपर्ड ने हमला कर दिया। बेटे पर लेपर्ड का अटैक देखकर वहां मौजूद किसान पिता घबराया नहीं, बल्कि दरांती लेकर लेपर्ड से भिड़ गया। पिता ने दरांती (फसल काटने का औजार) से लेपर्ड पर कई वार किए।
हमले के बाद लेपर्ड जान बचाकर भागा और खाले (वाटरकोर्स) में छुप गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना बज्जू उपखंड क्षेत्र की बरसलपुर ग्राम पंचायत के चक 6 बीडीवाई में हुई। हमले में घायल पिता-पुत्र का इलाज जारी है।

बेटे को बचाने के लिए पिता ने लेपर्ड पर किया हमला जानकारी के अनुसार- बरसलपुर के चक 6 बीडीवाई में किसान ओमप्रकाश मेघवाल और उसका बेटा कमल मेघवाल खेत में काम कर रहे थे। शनिवार शाम करीब 4:15 बजे एक लेपर्ड खेत में घुस आया और दोनों पर हमला कर दिया। इससे दोनों के हाथ, पैर और पेट सहित शरीर के कई हिस्सों पर गहरे जख्म हो गए।
लेपर्ड ने पहले कमल पर हमला किया तो पिता ने बेटे को बचाने के लिए दरांती से लेपर्ड पर जवाबी हमला कर दिया। इसके बाद दोनों बाप-बेटों ने मिलकर संघर्ष किया। दरांती के वार से लेपर्ड घायल हो गया और जान बचाने के लिए खाले में छुपकर बैठ गया।
लेपर्ड के हमले में घायल पिता-पुत्र की चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे। उन्होंने खाले में छुपे लेपर्ड को देखा, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस बोली- घायलों का हॉस्पिटल में इलाज जारी रणजीतपुरा थाना के ASI नैनुसिंह ने बताया- सूचना मिली कि क्षेत्र में एक जंगली जानवर (लेपर्ड) घुस आया है और पिता-पुत्र को घायल कर दिया है। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को बरसलपुर के हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां इलाज चल रहा है। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है।
लेपर्ड के हमले के बाद पिता-पुत्र ने लेपर्ड पर दरांती से हमला कर दिया। हमले के बाद लेपर्ड पास के खाले में जाकर छुप गया था। बाद में वह वहीं मृत अवस्था में मिला। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई।
पोस्टमॉर्टम के बाद सही कारण आएंगे सामने वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी दीपेन्द्र सिंह ने बताया- लेपर्ड का शव कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय भेज दिया गया है और उच्च अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। मृत लेपर्ड का पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जाएगा, जिसके बाद ही मौत के कारणों का सही खुलासा हो सकेगा।
बता दें कि जिले के खाजूवाला, बज्जू और लूणकरनसर में कई बार लेपर्ड होने की जानकारी मिलती रही है, लेकिन पकड़ में नहीं आया। यह पहला मौका है, जब बज्जू में एक लेपर्ड की मौत हुई है।



