उत्तर प्रदेश

‘फर्जी IAS एक नहीं, 25 शादियां कर चुका’:पैरलाइज पिता बोले- बेटी की जिंदगी बर्बाद करने वाले को सजा दिलाकर मानूंगा अनुराग पांडेय | गोरखपुर10 घंटे पहले

एक नहीं, 25 शादियां कर चुका है। फर्जी आईएएस बनकर पैसे ऐंठ लिए और बेटी की जिंदगी भी बर्बाद कर दी। हम लोगों को कहीं का नहीं छोड़ा। हर दिन उसकी नई कहानी सामने आ रही है।’

ये कहना है गोरखपुर के रहने वाले फर्जी IAS के ससुर का। उनका आधा शरीर काम नहीं करता है। वह बिस्तर पर ही पड़े रहते हैं। पैरालाइज्ड हुए कुछ ही साल बीते थे, तभी एक और मुसीबत सिर पर आ गिरी। पूरा परिवार टूट सा गया।

पिता का कहना है कि बेटी की जिंदगी बर्बाद करने वाले को किसी भी हाल में सजा दिलाकर दम लूंगा।

दो बेटियों की शादी कर चुके, तीसरी में फर्जी IAS दामाद मिला फर्जी IAS के ससुर ने बताया- मेरी 3 लड़कियां और एक लड़का है। 2 लड़कियों की शादी कर चुका हूं। इसी बीच मैं पैरालाइज्ड हो गया। आधा शरीर काम ही नहीं करता है, इसलिए छोटी बेटी की शादी ढूंढना शुरू किया। छोटी बेटी ग्रेजुएशन कर चुकी है।

समाज के ग्रुप में रिश्ता आया, फंसते चले गए उन्होंने बताया कि मेरी बड़ी बेटी दिल्ली में रहती है। उसने कहा कि हम लोगों के समाज का एक ग्रुप है, इसमें अपने समाज के बहुत लोग जुड़े हैं। किसी ने एक आईएएस लड़के की प्रोफाइल आई है। लड़का रहने वाला इटावा के लुधियात मोहल्ले का है।

नाम प्रीतम कुमार निषाद है। उसकी उम्र 32 साल है। वह मनिकपुर में एसडीएम पद पर तैनात है। प्रोफाइल पर यह सब लिखा है। उन लोगों को दहेज भी नहीं चाहिए। बस लड़की सुंदर होनी चाहिए। बेटी की बात सुन मुझे लगा कि रिश्ता अच्छा है, मैंने बात आगे बढ़ाने के लिए कह दिया।

प्रीतम इतना बड़ा जालसाज है कि उसने फर्जी कार्ड तक बनवा रखा था।

बड़ी बेटी ने प्रीतम से बात की, हम इटावा पता करने भी गए उन्होंने बताया कि बड़ी बेटी ने प्रीतम से शादी के लिए बात की। इसके बाद मोबाइल से मुझसे भी बात कराई। बातचीत के बाद वह दिसंबर 2025 में गोरखपुर आया। उससे बातचीत हुई। उसने भी बेटी को देखते ही पसंद कर लिया।

बात आगे बढ़ने पर मेरे परिवार के लोग उसके बारे में पता करने के लिए इटावा गए। लुधियात मोहल्ले में टू बीएचके घर था। प्रीतम ने बताया कि घर में मैं और बहन ही हैं।

बोला- गांव पिछड़ा है इसलिए कम जाते हैं प्रीतम से गांव के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि यहां से 35 किमी. है, लेकिन एक नदी पार करके जाना पड़ता है। बहुत पिछड़ा गांव है, इसलिए वहां कम आते-जाते हैं। मैं गांव का पहला लड़का हूं, जो आईएएस बना है। इस तरह उसने मेरे परिवार को विश्वास में ले लिया। घर के लोग भी संतुष्ट हो गए।

11 मार्च 2026 को शादी का दिन तय किया गया। पहले तो प्रीतम ने बोला कि वह दहेज नहीं लेगा। लेकिन शादी तय होने के बाद उसने शादी खर्च के नाम पर पैसे की डिमांड कर दी। उसने बोला कि शादी और बहूभोज में बड़े-बड़े लोग आएंगे, काफी पैसे खर्च होंगे। उसके कहने पर ही शादी के एक महीने पहले ही 15 लाख रुपए उसे दे दिए।

कार पर लिख रखा था भारत सरकार पिता ने बताया कि प्रीतम शादी के चार दिन पहले 7 मार्च को गोरखपुर आया था। जिस कार से आया, उसपर भारत सरकार लिखा था। उसके साथ एक असिस्टेंट भी था। जो उसके पीछे-पीछे चल रहा था।

उसने घर पर आकर अपनी शादी का कार्ड दिया। मैंने सवाल किया कि शादी का कार्ड देने आने की क्या जरुरत थी। उसने जवाब दिया कि गोरखपुर में अपने समाज के कैबिनेट मंत्री और सांसद को शादी का कार्ड देना है। इसके अलावा पुलिस के अधिकारियों को भी कार्ड देना था। इसलिए गोरखपुर आया था। यह सब कहकर वह चला गया।

प्रीतम का झूठ पकड़ा गया तो उसने कई साल पुराने इंटरव्यू दिखाए।

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