मध्य प्रदेश

एमपी में पिछले 3 दिन यानी, 72 घंटे से साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और ट्रफ एक्टिव;टीकमगढ़ में आकाशीय बिजली गिरी, चाची-भतीजा झुलसे:छतरपुर नगरपालिका की पुरानी दुकानों का छज्जा गिरा, 2 घायल; 14 जिले आज भी भीगेंगे

एमपी में पिछले 3 दिन यानी, 72 घंटे से साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और ट्रफ एक्टिव है। इस वजह से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन समेत 42 से ज्यादा हिस्से में ओले-बारिश और आंधी का दौर चला।

शनिवार को पूर्वी हिस्से में सिस्टम एक्टिव रहेंगे। इस वजह से रीवा-सिंगरौली समेत 14 जिलों में बारिश का अलर्ट है। 74Km प्रतिघंटा और ओले गिरने की वजह से कई जिलों में गेहूं, केले, पपीता और संतरे की फसलें बर्बाद हो गई है।

टीकमगढ़ के जतारा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुहारा में शुक्रवार रात बिजली गिरने से महिला और उसका भतीजा झुलस गए। दोनों को देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। भतीजे को झांसी रेफर कर दिया गया है।

छतरपुर में पुरानी दुकानों का छज्जा अचानक गिरा

मौसम विभाग के अनुसार, 18 मार्च से ही प्रदेश में ओले-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसका असर शुक्रवार को भी देखा गया। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, तीन ट्रफ और एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन की एक्टिविटी होने की वजह से शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। शनिवार को सिस्टम आगे बढ़ेगा। जिसका पूर्वी हिस्से के जिलों में असर देखने को मिलेगा।

स्ट्रॉन्ग सिस्टम…इन जिलों में ओले-बारिश

पिछले 24 घंटे में 42 जिलों के करीब 112 शहर या कस्बों में बारिश हुई। इनमें इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मऊगंज, श्योपुर, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, मंडला जिले शामिल हैं।

सबसे ज्यादा पानी धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंरी में पौन इंच तक गिर गया। बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, नतेरन, आमला, बैतूल, भोपाल, दमोह, अमरवाड़ा में आधा इंच या इससे ज्यादा बारिश हुई।

वहीं, आलीराजपुर, बड़वानी, विदिशा बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, सिवनी, छतरपुर जिलों में ओले गिरे। तेज आंधी चलने से खेतों में खड़ी फसलों को खासा नुकसान हुआ है।

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