राजस्थान में प्रीमियम पेट्रोल महंगा हुआ:बाड़मेर में सबसे ज्यादा रेट, अजमेर में सस्ता; जानें- किस जिले में कितनी हुई कीमतें
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते कच्चा तेल महंगा हो गया है। इसके चलते सरकारी तेल कंपनियों ने आज यानी 20 मार्च को पावर पेट्रोल और स्पीड पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए हैं।
राजस्थान में प्रीमियम पेट्रोल और स्पीड पेट्रोल की कीमत में 2 रुपए 16 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। जयपुर में प्रीमियम पेट्रोल 112 रुपए 80 पैसे प्रति लीटर मिल रहा था।, जो अब 114 रुपए 96 पैसे प्रति लीटर हो गया है।
इसी तरह स्पीड पेट्रोल 112 रुपए 24 पैसे में प्रति लीटर मिल रहा था, जो अब 114 रुपए 40 पैसे प्रति लीटर हो गया है। बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। सामान्य पेट्रोल की कीमत में बदलाव नहीं हुआ है।
पेट्रोलियम कंपनियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक हालात का असर ईंधन के दामों पर पड़ रहा है।

प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?
प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में इजाफे के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रीमियम फ्यूल में मिलाए जाने वाले एडिटिव्स की लागत बढ़ना माना जा रहा है। सामान्य पेट्रोल के मुकाबले यह पहले से ही 5 से 10 रुपए महंगा होता है। अब इस बढ़ोतरी के बाद यह अंतर और बढ़ जाएगा।
आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि बेस फ्यूल यानी सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नहीं छेड़ा गया है। तेल कंपनियों ने आखिरी बार मार्च 2024 में आम पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 2 रुपए की कटौती की थी। प्रीमियम फ्यूल की बिक्री कुल पेट्रोल बिक्री का एक छोटा हिस्सा होती है, इसलिए इस बढ़ोतरी का असर उन लोगों पर ज्यादा पड़ेगा जिनके पास लग्जरी कारें या हाई-परफॉरमेंस स्पोर्ट्स बाइक्स हैं।
प्रीमियम पेट्रोल महंगा होने से क्या बदलेगा?
प्रीमियम पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर 95 या उससे ज्यादा होता है। हाई-एंड इंजन वाली गाड़ियां इसी ईंधन पर बेहतर परफॉरमेंस देती हैं। कीमतों में 2 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी होने से उन ग्राहकों का मंथली फ्यूल बजट बढ़ जाएगा जो अपनी गाड़ियों के इंजन की लंबी उम्र और बेहतर पिकअप के लिए प्रीमियम फ्यूल ही लेते हैं। बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में प्रीमियम पेट्रोल की दरें अब रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच सकती हैं।
कंपनियों के मार्जिन पर था दबाव: बाजार विशेषज्ञ
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ समय से मार्केटिंग मार्जिन में कमी आने के कारण तेल कंपनियां दबाव में थीं। चूंकि प्रीमियम फ्यूल की कीमतें डी-रेगुलेटेड (बाजार आधारित) कैटेगरी में आती हैं, इसलिए कंपनियां इसकी कीमतों में बदलाव करने के लिए स्वतंत्र हैं। प्रीमियम फ्यूल सेगमेंट में मार्जिन बेहतर होता है, इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है।
आने वाले दिनों में कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और मिड-ईस्ट में जारी तनाव पर सबकी नजर रहेगी। अगर कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ाई जा सकती हैं।
भारत में कच्चा तेल दोगुना होकर 146 डॉलर पर पहुंचा
जंग के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने की वजह से कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ाए हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम आज 109.54 डॉलर प्रति बैरल पर हैं। एक दिन पहले कच्चे तेल का दाम 117.98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था।
वहीं भारत में क्रूड की कीमतें लगभग दोगुनी होकर 146 डॉलर पर पहुंच गई हैं। भारत इराक, सऊदी अरब, रूस, UAE से तेल खरीदता हैं। इन सभी अलग-अलग तरह के तेलों की कीमतों का जो औसत निकाला जाता है, उसे ही ‘इंडियन बास्केट’ कहते हैं।
कच्चे तेल के तीन बड़े बेंचमार्क
दुनियाभर में कच्चा तेल मुख्य रूप से तीन बड़े बेंचमार्क के आधार पर पहचाना और बेचा जाता है, जिन्हें ब्रेंट, WTI और OPEC बास्केट कहते हैं। ब्रेंट क्रूड उत्तरी सागर (यूरोप) के समुद्री कुओं से निकलता है और दुनिया का दो-तिहाई तेल कारोबार इसी के भाव पर टिका है।
वहीं WTI अमेरिका के जमीनी इलाकों से निकलता है और अपनी शुद्धता के कारण अमेरिकी बाजार का मुख्य मानक है। OPEC बास्केट सऊदी अरब, ईरान और इराक जैसे खाड़ी देशों के संगठन (OPEC) द्वारा उत्पादित अलग-अलग कच्चे तेलों का एक औसत मिश्रण है।
क्या होता है प्रीमियम पेट्रोल
अगर आप अपनी कार या बाइक की परफॉर्मेंस और इंजन की लंबी उम्र को लेकर फिक्रमंद हैं, तो ‘प्रीमियम पेट्रोल’ आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। साधारण पेट्रोल के मुकाबले इसमें ऑक्टेन नंबर ज्यादा होता है, जो इंजन के अंदर फ्यूल को समय से पहले जलने (नॉकिंग) से रोकता है और गाड़ी को स्मूथ ड्राइविंग एक्सपीरियंस देता है।
प्रीमियम पेट्रोल में खास तरह के क्लीनिंग एडिटिव्स मिलाए जाते हैं, जो इंजन के इंटरनल पार्ट्स और फ्यूल इंजेक्टर्स पर जमी कार्बन की परत को साफ करते हैं, जिससे न केवल माइलेज में सुधार होता है बल्कि इंजन की ताकत भी बढ़ती है। हालांकि यह साधारण पेट्रोल से थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन हाई-एंड परफॉर्मेंस कारों और मॉडर्न इंजनों के लिए इसे हेल्थ ड्रिंक माना जाता है।
क्या आपकी गाड़ी के लिए प्रीमियम पेट्रोल जरूरी है?
नॉर्मल कार/बाइक: अगर आपकी गाड़ी 100cc से 1500cc के बीच है और नॉर्मल इंजन वाली है, तो प्रीमियम पेट्रोल की जरूरत नहीं है।
लग्जरी/स्पोर्ट्स कार: अगर गाड़ी के मैनुअल में 95 ऑक्टेन फ्यूल लिखा है, तो प्रीमियम ही डालें वरना इंजन में ‘नॉकिंग’ की समस्या हो सकती है।
पुरानी गाड़ी: पुरानी गाड़ियों के इंजन की सफाई के लिए कभी-कभी प्रीमियम फ्यूल इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है।
क्या होता है ऑक्टेन नंबर?
पेट्रोल की गुणवत्ता ‘ऑक्टेन’ से मापी जाती है। सामा



