छुट्टी नहीं देने पर बैंक मैनेजर की हत्या:ऑफिस के अंदर गार्ड ने सीने में गोली मारी, राइफल लेकर भागा
गाजियाबाद में पंजाब एंड सिंध बैंक के मैनेजर अभिषेक शर्मा (34 साल) की गार्ड ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह बिहार के रहने वाले थे।
गार्ड रवींद्र कई दिनों से मैनेजर अभिषेक से छुट्टी मांग रहा था। सोमवार दोपहर करीब 1:45 बजे वह मैनेजर के पास पहुंचा। जहां छुट्टी को लेकर अभिषेक शर्मा से उसका विवाद हो गया। इसी बीच रवींद्र ने बंदूक से उनकी छाती पर गोली मार दी। अभिषेक लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गए।
बैंक में अचानक फायरिंग से लोग दहशत में आ गए। इसी बीच आरोपी गार्ड अपने एक अन्य साथी के साथ मौके से भाग निकला। बैंक स्टाफ ने मैनेजर

घटना से जुड़ा बैंक के गेट का एक CCTV सामने आया है, जिसमें गार्ड अपने साथी के साथ दिख रहा था। उसके भागने के कुछ मिनट बाद बैंक मैनेजर को लोग उठाकर ले जाते दिखे।
वारदात लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के बलराम नगर इलाके की है। मामले में ACP ज्ञान प्रकाश राय ने बताया,
आरोपी गार्ड बागपत का रहने वाला है। काफी समय से छुट्टी को लेकर मैनेजर अभिषेक शर्मा से विवाद था। इसके चलते उसने यह घटना अंजाम दी। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
गाजियाबाद में पत्नी के साथ रहते थे अभिषेक बैंक मैनेजर अभिषेक शर्मा बिहार में पटना के लखीपुर के रहने वाले थे। अगस्त, 2025 से वह गाजियाबाद में पत्नी के साथ किराए पर रह रहे थे। इस समय पत्नी बिहार में है। घटना की जानकारी दी गई है। परिवार गाजियाबाद आ रहा है।
बैंक मैनेजर ने फोन पर फटकार लगाई थी बैंक कर्मियों के अनुसार, रविवार को बैंक में छुट्टी थी, लेकिन गार्ड सोमवार सुबह भी ड्यूटी पर नहीं आया। इस पर मैनेजर अभिषेक शर्मा ने उसे फोन किया। ड्यूटी पर न आने का कारण पूछते हुए फटकार लगाई थी। गार्ड ने जवाब दिया कि कुछ इमरजेंसी आ गई है। इसलिए आज नहीं आ सकता हूं। अभिषेक ने कहा कि तुरंत बैंक आओ
आर्मी से रिटायर्ड है आरोपी गार्ड पुलिस के अनुसार, गार्ड रवींद्र हुड्डा (45 साल) 2018 में आर्मी से रिटायर्ड हुआ था। वह बागपत के मंसूरपुर थाना क्षेत्र में चांदीनगर का रहने वाला है। रवींद्र की तीन महीने पहले पंजाब एंड सिंध बैंक में एक एजेंसी के जरिए नौकरी लगी थी।
रवींद्र के परिवार में तीन बच्चे हैं। इनमें दो लड़की और एक लड़का है। आरोपी रविंद्र शराब का आदी है और आए दिन नशे में लोगों से झगड़ा करता है।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया- हाफ पैंट और टीशर्ट में आया था गार्ड प्रत्यक्षदर्शी आरएन पांडेय ने बताया, मैं भी बैंक आया था। अंदर जा ही रहा था, तभी गोली चलने की आवाज सुनाई दी तो रुक गया। तभी एक व्यक्ति, जो हाफ पैंट और पीली रंग की टीशर्ट में था, वह बाहर आया। उसके एक हाथ में बंदूक थी। उसके साथ एक और व्यक्ति भी था, जो कुर्ता-पैंट और सिर पर पगड़ी पहने था।
दोनों बड़े आराम से बैंक से बाहर निकले। मेन रोड पर एक बाइक खड़ी थी। दोनों
रवींद्र गुस्से में दोपहर डेढ़ बजे अपने एक साथी के साथ बाइक से बैंक पहुंचा। उसने साथी को बैंक के बाहर खड़ा कर दिया। फिर अंदर जाकर उसने बैंक में जमा अपनी लाइसेंसी बंदूक ली। इसके बाद वह सीधे बैंक मैनेजर के पास पहुंचकर झगड़ने लगा।
घटना के समय बैंक में मैनेजर समेत पांच कर्मचारी काम कर रहे
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया- हाफ पैंट और टीशर्ट में आया था गार्ड प्रत्यक्षदर्शी आरएन पांडेय ने बताया, मैं भी बैंक आया था। अंदर जा ही रहा था, तभी गोली चलने की आवाज सुनाई दी तो रुक गया। तभी एक व्यक्ति, जो हाफ पैंट और पीली रंग की टीशर्ट में था, वह बाहर आया। उसके एक हाथ में बंदूक थी। उसके साथ एक और व्यक्ति भी था, जो कुर्ता-पैंट और सिर पर पगड़ी पहने था।
दोनों बड़े आराम से बैंक से बाहर निकले। मेन रोड पर एक बाइक खड़ी थी। दोनों



