पुलिसकर्मियों को मंत्री ने गालियां दीं, SHO ने FIR कराई:कहा- गौतम दक ने मारपीट करने का प्रयास किया; धमकियों से तनाव में आ गया

पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों को गालियां देने और धमकाने के मामले में मंत्री गौतम दक की मुश्किलें अब बढ़ती नजर आ रही हैं। चित्तौड़गढ़ के डूंगला थाने के SHO शैतान सिंह ने मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
SHO ने बताया- 25 मई की दोपहर मंत्री गौतम दक ने फोन कर थाने के बाहर बुलाया। जब मैं बाहर पहुंचा तो मंत्री ने कॉन्स्टेबल लक्ष्मीनारायण और विष्णु कुमार को भी सामने बुलाने को कहा। दोनों पुलिसकर्मी जैसे ही वहां पहुंचे, मंत्री बिना कोई पक्ष सुने गाली-गलौज करने लगे।
शैतान सिंह ने बताया- मंत्री ने आम लोगों के सामने ऊंची आवाज में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, पुलिसकर्मियों को अपमानित किया और डराने-धमकाने की कोशिश की। इस दौरान मंत्री ने हाथ उठाकर मारपीट करने का प्रयास किया और राजकार्य में बाधा पहुंचाई। मंत्री ने अपने प्रभाव का डर दिखाते हुए ट्रांसफर कराने और नौकरी खराब करने तक की धमकी दी।
SHO शैतान सिंह ने रिपोर्ट में बताया- पुलिस सेवा के दौरान मेरे साथ पहले कभी ऐसी घटना नहीं हुई। मंत्री के व्यवहार और धमकियों के कारण मैं मानसिक तनाव में चला गया था और 2 दिन तक अवसाद की स्थिति में रहा।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इसी कारण मामला दर्ज कराने में देरी हुई। बाद में पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्च अधिकारियों को देने के बाद FIR दर्ज कराई गई।
सबसे पहले जानिए- क्या है पूरा मामला
दरअसल, मंत्री दक सोमवार (25 मई) को डूंगला थाने पहुंचे थे। एसएचओ शैतान सिंह, कॉन्स्टेबल लक्ष्मीनारायण और विष्णु को बाहर बुलाया। दक ने एसएचओ और कॉन्स्टेबलों से बातचीत की शुरुआत ही गालियों से की। वे हर वाक्य से पहले गालियां देते रहे। 3 मिनट की रिकॉर्डिंग में 17 गालियां दीं।
वे कार्यकर्ता के यहां पुलिस के पहुंचने से खफा थे। आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने उससे पैसे मांगे। तीनों को मंत्री ने बोलने का मौका ही नहीं दिया। इस बातचीत को वहां खड़े किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया।

ऑडियो में क्या रिकॉर्ड हुआ…
- गौतम कुमार दक गाली देते हुए… तेरी मां… @#$%&! इनके भरोसे मत रहना तू। यहां चोट्टागिरी मेरे को पसंद नहीं है। और @#$%&! मैंने तेरे को कहा था मेरे जानकार के तूने लट्ठ क्यों लगाए?
- तेरी @#$%&!… तेरा माजना है ना @#$%&!… पुलिस होने पर शर्म आएगी तेरे को। किसी खुमारी में मत रहना। और वो विष्ण्या किधर है?क्यों रे! @#$%&!… तू वहां लक्ष्मण के गाड़ी के यहां क्यों गया था? (पुलिसकर्मी के मना करने पर) अरे तू गया है, तभी तो मेरे को कह रहा है वो। यहां पर लखणों से रहना, मेरे को लग गया, किसी आदमी से पैसे मांगे तो @#$%&!… तेरे किस बात की खुमारी है।
- तू यहां क्यों आया @#$%&!… तुझे बड़ी सादड़ी से भगाया था। शर्म नहीं आती तुझे @#$%&! चोट्टे।एक भी आदमी से पैसे मांगे और मुझे पता चल गया तो यहीं इलाज करेंगे @#$%&!… नौकरी खराब करना मेरे को भी आता है। इनके भरोसे मत रहना।
थानाधिकारी को भी चेतावनी दी
थानेदारजी ये पब्लिकली मेरे को क्यों कहना पड़ रहा है देख लो। यहां तुम्हे लेकर आए हैं तो यह नहीं कि मेरे एरिया के लोगों से @#$%&… ये चोट्टागिरी के लिए नहीं लाए हैं यहां तुम्हे @#$%&!…
कांस्टेबल से बाले- तेरा इलाज करूंगा
मंत्री ने कहा – तू यहां आया है तो ठीक है, अब यहीं इलाज करूंगा तेरा। दिमाग में खुमारी होगी ना कि ये बचा लेंगे। निकाल देना। बढ़िया किया तू यहां आ गया।
बुला-बुला कर एक हजार आदमी लेकर आऊंगा और तेरी @#$%&!… यहां पर मैं खुद आऊंगा। क्या है इसकी औकात है 20 हजार देने की। तेरी @#$%&!… को ले आना इसके पास। दे देगा यह बीस हजार। चलो यहां से… @#$%&!… @#$%&…



