यूपी में रसोई गैस (LPG) की किल्लत से हालात बिगड़ गए;यूपी में गैस किल्लत, सपाई सड़क पर लेटे

यूपी में रसोई गैस (LPG) की किल्लत से हालात बिगड़ गए हैं। बुकिंग के 4-5 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लगी हैं। इसी बीच सिलेंडर की कालाबाजारी के मामले भी सामने आए हैं। गोरखपुर में ब्लैक मार्केटिंग के आरोप में दो गैस एजेंसियों को सील कर दिया गया। उनके मालिकों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इधर, लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं ने सिलेंडर की किल्लत को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “नाम नरेंद्र, काम सरेंडर” जैसे नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की तो सड़क पर लेट गए। पुलिस ने उन्हें घसीटकर गाड़ियों में बैठाया और इको गार्डन ले गई। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता पुलिस की गाड़ी पर चढ़ गए।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में मरीजों के खाने पर संकट खड़ा हो गया है। 2500 मरीजों के नाश्ते और रोटियों में कटौती शुरू हो गई। 5 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर से काम चलाया जा रहा।
सीएम योगी ने अधिकारियों और तेल कंपनियों के अफसरों के साथ एलपीजी की मांग और सप्लाई को लेकर बैठक की। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि गैस सिलेंडर की कमी को लेकर फैली अफवाह से बचें। प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने LPG गैस की किल्लत को लेकर सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा- LPG को लोगों ने ‘लापता गैस’ की नई परिभाषा दे दी है। इसी कारण KGMU और अन्य जगहों पर भी संकट पैदा हो रहा है। यह सरकार की फैलाई हुई स्थिति है।
इधर, कानपुर में गैस एजेंसी पर सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने सिलेंडर बंटवाए। लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कर कहा- सिलेंडर की कोई कमी नहीं। जैसे पहले सिलेंडर मिलता था, वैसे ही आज भी मिलेगा। अफवाहों पर ध्यान न दें।
लखनऊ में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- LPG को लोगों ने ‘लापता गैस’ की नई परिभाषा दे दी है। यह सरकार की फैलाई हुई स्थिति है। डबल इंजन सरकार की जिम्मेदारी क्या है? क्या हर किसी को लाइन में खड़ा कर देना?



