आज विश्व किडनी दिवस है;हाई बीपी बन रहा किडनी खराब होने की बड़ी वजह:40% मामलों में शरीर का इम्यून सिस्टम ही बना दुश्मन; जानिए किडनी को कैसे रखें हेल्दी

आज विश्व किडनी दिवस है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किडनी किन कारणों से खराब होती है और इसके शुरुआती लक्षण क्या होते हैं। एम्स भोपाल की किडनी ट्रांसप्लांट रिपोर्ट बताती है कि लंबे समय तक हाई BP, इम्यून सिस्टम की समस्या, ज्यादा पेनकिलर लेना और किडनी स्टोन किडनी डैमेज के बड़े कारण बन रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि समय पर जांच और कुछ आसान सावधानियों से किडनी को लंबे समय तक हेल्दी रखा जा सकता है।
पहले जानिए लापरवाही से जुड़े 2 केस
भोपाल के 45 वर्षीय राजेश (बदला हुआ नाम) करीब पांच साल से हाई ब्लड प्रेशर से परेशान थे। डॉक्टरों ने उन्हें नियमित दवा लेने और लाइफस्टाइल बदलने की सलाह दी थी। लेकिन काम की व्यस्तता के कारण उन्होंने दवाएं अक्सर मिस कर दीं और रेगुलर चेकअप भी नहीं कराया।
कुछ समय बाद उन्हें थकान, पैरों में सूजन और पेशाब कम होने की समस्या होने लगी। जांच कराने पर पता चला कि लंबे समय तक अनकंट्रोल्ड BP की वजह से उनकी किडनी की कार्यक्षमता काफी कम हो चुकी है।
इसी तरह सीहोर के 52 वर्षीय सुरेश (बदला हुआ नाम) को सात साल से हाई BP था। उन्हें अक्सर सिरदर्द और चक्कर आते थे, लेकिन उन्होंने इसे हल्के में लिया। बाद में जांच में सामने आया कि उनकी दोनों किडनी काफी कमजोर हो चुकी हैं।
यह तो दो मामले ही हैं। अगर किसी व्यक्ति को तीन साल या उससे अधिक समय से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो किडनी की नियमित जांच कराना बेहद जरूरी हो जाता है। एम्स भोपाल में अब तक 18 किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। इन मरीजों की केस स्टडी में किडनी खराब होने के कई कारण सामने आए हैं।
22 साल के युवक का सफल ट्रांसप्लांट
हाल ही में नर्मदापुरम के 22 वर्षीय युवक का एम्स भोपाल में 18वां सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। उसकी किडनी इम्यूनोलॉजिकल कारणों से खराब हो गई थी। इस दौरान उसके पिता ने किडनी डोनेट कर बेटे को नई जिंदगी दी। ऑपरेशन के एक हफ्ते बाद मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

अब जानिए, एम्स की रिपोर्ट में क्या सामने आया
40% मामलों में इम्यून सिस्टम जिम्मेदार
एम्स भोपाल में किए गए किडनी ट्रांसप्लांट के मामलों के विश्लेषण से कई जरूरी फैक्ट सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार करीब 40% मरीजों में किडनी खराब होने का प्रमुख कारण इम्यूनोलॉजिकल समस्याएं पाई गईं।
इम्यूनोलॉजिकल कारणों का मतलब यह है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली किसी कारण से किडनी की कोशिकाओं पर ही हमला करने लगती है। धीरे-धीरे यह हमला किडनी के फिल्टरिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और समय के साथ किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाती है।
30% मामलों में हाई बीपी बना बड़ी वजह
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि लगभग 30% किडनी खराब होने के मामलों के पीछे लंबे समय तक बना रहने वाला हाई ब्लड प्रेशर जिम्मेदार है। डॉक्टरों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो से तीन साल तक हाई बीपी की समस्या बनी रहती है, तो इससे किडनी की रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ जाता है।
इससे किडनी की फिल्टर करने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है और गंभीर स्थिति में किडनी फेल भी हो सकती है।
पेनकिलर और किडनी स्टोन भी बन रहे खतरा
एम्स की रिपोर्ट के अनुसार करीब 15% मरीजों में बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का सेवन किडनी खराब होने का कारण बना। कई लोग सामान्य दर्द में भी नियमित रूप से पेनकिलर का सेवन करते हैं, जिससे किडनी पर लगातार दबाव पड़ता है।
इसके अलावा लगभग 15% मामलों में किडनी में पथरी और अन्य कारण भी सामने आए हैं डॉक्टरों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की एक किडनी में स्टोन बनता है, तो दूसरी किडनी में भी स्टोन बनने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए समय पर इलाज बेहद जरूरी है।


