जियोपॉलिटिकल तनाव का असर MP पर भी:मिडिल ईस्ट जाने वाले 10 हजार टूरिस्ट ने प्लान रोके, 60 करोड़ का कारोबार प्रभावित

मिडिल ईस्ट और यूरोप क्षेत्र में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव का असर अब मध्यप्रदेश के टूरिज्म सेक्टर पर दिखाई देने लगा है। दुबई और आसपास के देशों में जाने वाले यात्रियों की बुकिंग बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है। MakeMyTrip की भोपाल लोकेशन हेड ऋचा सिंह भदौरिया के अनुसार, इस सीजन में प्रदेश से लगभग 10 हजार लोगों के मिडिल ईस्ट यात्रा करने की उम्मीद थी, लेकिन हालात के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने अपने प्लान रोक दिए हैं। 2 से 2.5 हजार बुकिंग्स सीधी प्रभावित ऋचा सिंह भदौरिया ने बताया कि करीब 2 से 2.5 हजार यात्रियों ने पहले से फ्लाइट और पैकेज बुक करा लिए थे, जिनकी बुकिंग सीधे प्रभावित हुई है। जबकि करीब 7 से 8 हजार संभावित यात्रियों ने स्थिति को देखते हुए नई बुकिंग ही नहीं कराई या अपनी इंक्वायरी वापस ले ली। उनके अनुसार, फिलहाल ट्रैवल पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन इंटरनेशनल टूरिज्म में स्पष्ट रूप से स्लोडाउन दिखाई दे रहा है।

करीब 60 करोड़ का कारोबार अटका
मिडिल ईस्ट के लिए औसत ट्रैवल पैकेज 60 से 70 हजार रुपए प्रति व्यक्ति होता है। यदि 60 हजार रुपए का औसत और 10 हजार यात्रियों का अनुमान लिया जाए तो करीब 60 करोड़ रुपए का संभावित ट्रैवल कारोबार प्रभावित माना जा सकता है। हालांकि इसमें से सभी मामलों में पूरी राशि का नुकसान नहीं होता, क्योंकि कई एयरलाइंस रिफंड या क्रेडिट शेल का विकल्प दे रही हैं।
60–70% यात्रियों को पूरा रिफंड, आंशिक नुकसान
ट्रैवल इंडस्ट्री से मिले फीडबैक के अनुसार प्रभावित बुकिंग्स में से लगभग 60 से 70 प्रतिशत यात्रियों को पूरा रिफंड मिल गया है। यह उन मामलों में हुआ जहां एयरलाइंस ने खुद फ्लाइट रद्द या री शेड्यूल की। करीब 15 से 25 प्रतिशत यात्रियों को आंशिक नुकसान उठाना पड़ा है, जो मुख्य रूप से वीजा फीस, होटल कैंसिलेशन पॉलिसी या नॉन-रिफंडेबल बुकिंग के कारण हुआ। कई यात्रियों ने रिफंड के बजाय फ्यूचर ट्रैवल क्रेडिट या क्रेडिट शेल लेना भी चुना है।


