मध्य प्रदेश में इन दिनों दो तरह का मौसम; ‘लू’ जैसी तपिश, उज्जैन-ग्वालियर-चंबल में चढ़ा पारा:टेम्परेचर सामान्य से 4.63 डिग्री ज्यादा; दिन में तेज धूप, रात में रहेगी ठंडक

मध्य प्रदेश में इन दिनों दो तरह का मौसम है। दिन इतने गर्म है कि पारा 39 डिग्री के पार पहुंच गया है, जबकि रात और सुबह ठंडक है। एक्सपर्ट के मुताबिक, ये मौसम लोगों की सेहत भी बिगाड़ रहा है। अस्पतालों में सर्दी, जुकाम, एलर्जी के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत कई शहरों में दिन में ‘लू’ जैसी तपन रही। मंगलवार को भी तेज गर्मी का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मार्च में पिछले साल की तुलना में ज्यादा गर्मी है। भोपाल, इंदौर, रीवा-शहडोल संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.9 से 2.7 डिग्री तक ज्यादा है। वहीं, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम में पारा 3.1 से 4.6 डिग्री तक बढ़ा हुआ है। आधे से ज्यादा हिस्से में दिन का तापमान 35 डिग्री या इससे अधिक है।
ग्वालियर-उज्जैन में पारा 37 डिग्री के पार, रतलाम सबसे गर्म
प्रदेश में मार्च के पहले पखवाड़े में ही दिन का तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है। सोमवार को रतलाम में सबसे ज्यादा 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो, धार, गुना, दमोह, सागर, श्योपुर और मंडला में तापमान 38 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। वहीं, 5 बड़े शहरों में ग्वालियर और उज्जैन सबसे गर्म रहे। यहां तापमान 37 डिग्री के पार पहुंच गया। भोपाल में 36.8 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री और जबलपुर में 36 डिग्री रहा।
हवा की रफ्तार बदली, इसलिए जल्दी गर्मी वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। वहीं, हवा में नमी बहुत कम है। साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से मप्र पहुंचती है। यह अपने साथ गर्मी भी लाती है।
सबसे ज्यादा बीमारी फैलाता है मार्च इधर, डॉक्टरों की मानें तो मार्च का यही मौसम सबसे ज्यादा बीमारियां फैलाता है। दरअसल, इस महीने दिन में तो गर्मी बढ़ जाती है, लेकिन रात और सुबह हल्की ठंड रहती है। कई बार लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं। वहीं, कोल्ड्रिंक्स समेत शीतल पेय पदार्थों का भी सेवन करते हैं। इससे सर्दी-जुकाम एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ते हैं। सुबह और देर रात ठंडी हवा से बचना जरूरी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को।

15 के बाद बदल सकता है मौसम मौसम विभाग ने 15 मार्च के बाद मौसम में बदलाव होने का अनुमान जताया है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से पूर्वी-दक्षिणी हिस्से में हल्की बूंदाबांदी और बादल छाए रह सकते हैं।
मार्च के दूसरे सप्ताह में पड़ती है गर्मी प्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है।
40 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा मौसम विभाग की माने तो अगले 4 दिन के अंदर प्रदेश में अधिकतम तापमान 4 डिग्री तक बढ़ेगा। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले ही पखवाड़े में प्रदेश में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच जाए
मार्च में लू का असर नहीं, अप्रैल-मई में चलेगी मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है, लेकिन मार्च में लू चलने का अलर्ट नहीं है। मार्च के शुरुआती दिनों में पारा बढ़ा हुआ है।
मार्च में तीनों मौसम का असर मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है, जबकि रात में 10 से 17 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में ग्वालियर में मौसम सबसे ज्यादा बदला हुआ रहता है। यहां रात में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है।


