छत के रास्ते घर में घुसे बॉयफ्रेंड ने हसबैंड को मारी गोली;4 साल पहले लव-मैरिज,फिर प्रेमी से पति को मरवा डाला:मोबाइल चैट से खुला राज

चार साल पहले जिस युवती से लव मैरिज कर लवकुश माहौर ने अपना घर बसाया था, उसी ने अपने दूसरे प्रेमी के लिए उसकी हत्या करवा दी। मुरैना जिले के सिहोनिया में हुए इस ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने चार दिन बाद खुलासा कर दिया है।
सिहोनिया पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी खुशी माहौर और उसके पड़ोसी प्रेमी विक्रम परमार को गिरफ्तार कर हत्या का केस दर्ज किया है। वारदात में इस्तेमाल किया गया कट्टा भी बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया गया है।
जांच में सामने आया कि लवकुश की पत्नी खुशी माहौर का अपने ही मोहल्ले में रहने वाले युवक विक्रम परमार से अफेयर हो गया था। दोनों साथ रहना चाहते थे, लेकिन लवकुश उनके रिश्ते के बीच आ रहा था। इसी वजह से दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
3 मार्च की रात जब लवकुश अपने घर में सो रहा था, तभी विक्रम छत के रास्ते घर में घुसा और सोते हुए उसे कट्टे से गोली मार दी। इसके बाद वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी की गई। मृतक की बहन द्वारा आरोपी को भागते देखने और मोबाइल चैट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर साजिश का पर्दाफाश हुआ और पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
शादी में मिले लवकुश और खुशी, फिर किया प्रेम विवाह
मृतक लवकुश माहौर के भाई अनिल माहौर के अनुसार लवकुश और उसकी पत्नी खुशी माहौर की शादी प्रेम विवाह था। 31 मई 2022 को अंबाह के बडफरा गांव निवासी गणेशी माहौर की बेटी खुशी माहौर और सिहोनिया निवासी अशोक माहौर के बेटे लवकुश माहौर की शादी हुई थी।
बताया गया है कि खुशी और लवकुश की मुलाकात एक रिश्तेदारी की शादी में हुई थी। वहीं से दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। इसके बाद खुशी के परिजनों ने लवकुश के परिवार से संपर्क किया। कुछ समय बाद दोनों परिवार भी इस रिश्ते के लिए तैयार हो गए और उनकी शादी करा दी गई।
सूरत की हीरा फैक्ट्री में काम करता था लवकुश
शादी के बाद लवकुश माहौर रोजगार की तलाश में गुजरात के सूरत चला गया। वहां वह हीरा बनाने की एक फैक्ट्री में मजदूरी करने लगा। काम के कारण वह ज्यादातर समय सूरत में ही रहता था और बीच-बीच में अपने गांव सिहोनिया आता था।
कभी-कभी उसकी पत्नी खुशी भी सूरत अपने पति के पास चली जाती थी। इसी दौरान पति की गैरमौजूदगी में खुशी का संपर्क पड़ोस में रहने वाले युवक विक्रम परमार से हो गया। पहले दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच अफेयर हो गया।
बताया जाता है कि जब खुशी अपने पति के पास सूरत जाती थी तो विक्रम भी उसके साथ वहां पहुंच जाता था। लवकुश दिनभर हीरा फैक्ट्री में काम पर रह
18 दिन पहले बेटे का जन्म, परिवार में छाई थी खुशी
खुशी माहौर ने 18 फरवरी को एक बेटे को जन्म दिया था। इस मौके पर लवकुश सूरत से अपने गांव सिहोनिया वापस आया था। बेटे के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल था और सभी लोग काफी खुश थे।
होली का त्योहार भी नजदीक था, इसलिए लवकुश ने होली के बाद वापस सूरत जाने का मन बनाया था। लेकिन उससे पहले ही उसकी हत्या की साजिश रच दी गई।
पत्नी के साथ कमरे में सो रहा था लवकुश, रात में चली गोली
सिहोनिया गांव निवासी अशोक माहौर का 25 वर्षीय बेटा लवकुश माहौर 3 मार्च की रात गोली लगने से संदिग्ध हालत में मृत पाया गया। उस समय लवकुश अपनी पत्नी खुशी माहौर के साथ कमरे में सो रहा था।
घटना के बाद कमरे में मौजूद पत्नी खुशी ने इसे आत्महत्या बताया। हालांकि घर के आंगन में सो रही मृतक की बहन ने पड़ोसी युवक विक्रम परमार को छत के रास्ते भागते हुए देखा था। उसने तुरंत यह बात परिजनों और पुलिस को ब
मोबाइल चैट से मिला सुराग, दोनों की सेल्फी भी मिली
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी विक्रम परमार अपने घर में सोता हुआ मिला। इस वजह से शुरुआत में उस पर ज्यादा शक नहीं किया गया। लेकिन मृतक की बहन लगातार विक्रम का नाम ले रही थी। इसके बाद पुलिस ने जब विक्रम का मोबाइल चेक किया तो उसमें मृतक की पत्नी खुशी माहौर के साथ उसकी वॉट्सऐप चैट मिली।
इस चैट में खुशी उसे रात में अपने कमरे में बुलाती थी। इसके अलावा दोनों की कुछ सेल्फी भी मिलीं, जिनसे उनके बीच नजदीकी संबंध होने के संकेत मिले। यह चैट एक महीने पुरानी बताई जा रही है। इसी चैट और दोनों की सेल्फी के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और विक्रम को राउंडअप किया। पढ़िए चैट…
- खुशी- कहां हो, अभी नहीं आना।
- विक्रम-ठीक है।
- खुशी-सभी जाग रहे हैं।
- विक्रम- ओके।
- खुशी- मैं मैसेज करूंगी।
- विक्रम-ठीक है।
- खुशी-आ जाओ, सब सो गए।
- विक्रम- ठीक है।
पीछे के रास्ते से आता था, मिलकर रची हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विक्रम परमार अपनी प्रेमिका खुशी माहौर से मिलने अक्सर घर के पीछे के रास्ते से आता था। गांव में बने पुराने मकानों की छतें ज्यादा ऊंची नहीं हैं। घर के पीछे बनी बाउंड्री के सहारे वह पहले छत पर चढ़ जाता था। छत से नीचे सीढ़ियों के पास ही खुशी और लवकुश का कमरा था।
इसी रास्ते से 3 मार्च की रात भी विक्रम घर में घुसा। बताया जाता है कि कमरे का दरवाजा खुशी ने ही खोला था। कमरे में पहुंचकर विक्रम ने पहले बच्चे को गोद में लिया और कुछ देर तक उसे सहलाया। इसके बाद उसने सोते हुए लवकुश पर कट्टे से गोली चला दी और वहां से भाग गया।
जांच में यह भी सामने आया कि खुशी माहौर और विक्रम परमार के बीच प्रेम संबंध काफी गहरा हो चुका था। दोनों साथ भागकर रहने की योजना बना रहे थे, लेकिन खुशी को डर था कि वे पकड़े जाएंगे।
इसके बाद दोनों ने फैसला किया कि लवकुश को रास्ते से हटाना ही बेहतर होगा। खुशी ने विक्रम से कहा था कि डिलीवरी के समय लवकुश घर आएगा, तभी उसे मार देना। इसी योजना के तहत लवकुश की हत्या की साजिश रची गई।
बहन नंदनी बोली- गोली की आवाज सुनी, विक्रम को भागते देखा
मृतक की बहन नंदनी के अनुसार 3 मार्च की सुबह करीब 3 बजे वह घर के आंगन में सो रही थी। तभी उसे गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वह उठी तो देखा कि पड़ोसी विक्रम परमार उसके भाई-भाभी के कमरे से निकलकर भाग रहा है और छत के रास्ते पीछे की ओर चला गया।
नंदनी ने तुरंत शोर मचाया, जिससे घर के बाकी लोग भी जाग गए और सभी कमरे की ओर दौड़े। जब कमरे में पहुंचे तो भाई को गोली लगी थी वह मर चुका था।


