VIP हूटर का काला कारोबार, 8,500 में लगवाओ:एम्बुलेंस का सायरन भी सस्ता, पुलिस चेकिंग से बचने का ‘सीक्रेट फॉर्मूला’ फ्री मिल रहा

कल्पना कीजिए, आपकी कार की छत पर चमकता VIP सायरन बजा, ट्रैफिक साफ हो गया, लेकिन ये गैरकानूनी है। केंद्र सरकार के सख्त बैन के 7 साल बाद भी भोपाल के एमपी नगर में दुकानदार खुलेआम 4,000 से 8,500 रुपए में हूटर बेच रहे हैं। वे पुलिस चालान से बचने के ‘बोनट इनसाइड’ ट्रिक्स सिखा रहे हैं। माननीयों की गाड़ियां भी ‘हॉर्न’ बजाती घूम रही हैं, जबकि ट्रैफिक पुलिस सिर्फ दावा कर रही है। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि कानून टूट रहा है और VIP कल्चर जिंदा है।
ट्रैफिक पुलिस समय-समय पर कार्रवाई का दावा जरूर करती है, लेकिन हकीकत में नियमों का उल्लंघन लगातार जारी है।
अब जानिए राजधानी में कैसे हो रहा है हूटर का सौदा आखिर राजधानी भोपाल में प्रतिबंधित हूटर गाड़ियों पर कैसे लगाए जा रहे हैं? इसे उजागर करने के लिए दो तरीकों से पड़ताल की। हमारे रिपोर्टर एक आम ग्राहक बनकर कार एसेसरीज की दुकानों पर पहुंचे और अपनी गाड़ी पर हूटर लगाने की डील की।
24 फरवरी को रिपोर्टर एमपी नगर स्थित टिआ कार डेकोर दुकान पर पहुंचा। रिपोर्टर ने कर्मचारियों से कहा कि वह अपनी नई स्कॉर्पियो में हूटर लगवाना चाहता है। इस पर कर्मचारी तुरंत तैयार हो गए और बोले कि हूटर आसानी से लग जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसे गाड़ी की छत पर लगाया जाएगा और कुल खर्च करीब 8 हजार 500 रुपए आएगा। जब रिपोर्टर ने हूटर दिखाने को कहा, तो कर्मचारी ने सीधे दुकान से देने के बजाय उसे पीछे की गली में स्थित रॉयल ग्रुप ऑफ इंजीनियरिंग एंड कंपनी (आहूजा शॉप) पर जाने को कहा।
कर्मचारी ने बताया कि वहां आहूजा कंपनी के हूटर मिलते हैं और वही उनके बड़े सप्लायर हैं। वहां से हूटर लेने के बाद वे अपनी दुकान पर गाड़ी में उसे फिट कर देंगे। रिपोर्टर बताए गए पते पर आहूजा शॉप से हूटर देखकर वापस कार डेकोर शोरूम पहुंचा।
इस दौरान कर्मचारी ने साफ कहा कि उनके पास हूटर रखने की अनुमति नहीं है, इसलिए वे ग्राहक को सीधे सप्लायर के पास भेजते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान पर सिर्फ हूटर लगाने का काम किया जाता है, जिसमें करीब 1000 रुपए रॉड के और 500 रुपए फिटिंग के लिए लिए जाते हैं।
जब माननीय ही तोड़ रहे कानून हैरानी की बात यह है कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले सिर्फ आम लोग नहीं हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान कई विधायकों और माननीयों की गाड़ियों में भी हूटर और सायरन लगे दिखाई दिए। हाल ही में राजगढ़ जिले से एक दिलचस्प मामला सामने आया था, जहां कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर भाजपा नेताओं की गाड़ियों से हूटर हटाने की मांग की थी।
उन्होंने पुलिस अफसरों को कुछ गाड़ियों की तस्वीरें भी सौंपी थीं। इसी दौरान एक जिला पंचायत सदस्य यशवंत गुर्जर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनके गांव में एक नेता की गाड़ी में लगे हूटर की तेज आवाज से भैंसें भड़क जाती हैं और उन्होंने दूध देना बंद कर दिया है। यह टिप्पणी सुनकर एसपी समेत वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े।


