मध्य प्रदेश

होली पर नेताओं का टैलेंट; दिग्विजय के लिए गाया- सुरतिया हसीं हो, उमरिया जवां हो; शिवराज बने सिंगर

होली पर जमकर रंग और गुलाल उड़े। नेताओं पर भी होली की खुमारी कुछ ज्यादा ही छाई नजर आई। जिसे मौका मिला, उसने अपना टैलेंट दिखाया। किसी ने गाना गाया तो किसी ने डांस कर महफिल लूट ली।

दरअसल, त्योहार नेताओं के लिए किसी अवसर से कम नहीं होते। ऐसे मौके पर वे अपने समर्थकों और जनता से सीधा संपर्क साध लेते हैं। यही वजह है कि नेता भी इन आयोजनों को भुनाने में पीछे नहीं रहते। होली को ही ले लीजिए। लगभग हर नेता ने कहीं न कहीं रंगों के इस उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

सीएम ने फिर गया शोले फिल्म का गाना भोपाल में सीएम हाउस में होली उत्सव का आयोजन किया गया। यहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संतों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, कार्यकर्ताओं और मीडिया के साथियों के साथ फूलों और गुलाल से होली खेली।

मुख्यमंत्री ने सभी को रंग लगाया और लोगों ने भी उन्हें गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने अपने खास अंदाज में डमरू बजाकर माहौल को और उत्साहपूर्ण बना दिया। साथ ही फिल्म ‘शोले’ का मशहूर गीत- ‘होली के दिन दिल खिल जाते हैं, रंगों में रंग मिल जाते हैं’.. गुनगुनाकर समारोह में रंग जमा दिया।

शिवराज ने गाए फाग गीत और फिल्मी गाने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी होली के रंग में रंगे नजर आए। भोपाल स्थित उनके आवास पर आयोजित होली उत्सव में वे सिंगर के अंदाज में दिखाई दिए।

उन्होंने माइक थामा और फिल्मी होली गीतों के साथ पारंपरिक फाग भी गाए। जब उन्होंने ‘होली खेले रघुवीरा अवध में, होली खेले रघुवीरा’.. गाया तो वहां मौजूद लोग झूम उठे और माहौल पूरी तरह रंगीन हो गया।

इस दौरान शिवराज सिंह ने अपनी पत्नी साधना सिंह को गुलाल लगाया। साधना सिंह ने भी उन्हें रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।

शिवराज सिंह ने होली के फिल्मी गीत और पारंपरिक फाग गीत गाए।

 

जब समर्थक ने सुनाया दिग्विजय को गाना पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भी भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास पर होली उत्सव मनाया। इस दौरान उन्होंने समर्थकों को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान एक समर्थक ने उन्हें ‘इना मीना डीका गाना सुनाया। उन्होंने दिग्विजय सिंह की ओर इशारा करते हुए गाने के ये बोल गुनगुनाए- ‘दिल बेचूं है कोई लेने वाला, ऐसे-वैसे को नहीं देने वाला… सूरतिया हसीं हो, उमरिया जवां हो… कोई भी उसे देखे तो बस ये गुमां हो… यही है, यही तो है वो…’

दिग्विजय सिंह के लिए गाए गए इस गीत पर वहां मौजूद लोग ठहाके लगाने लगे। खुद दिग्विजय सिंह भी मुस्कुरा दिए और हंसते हुए आगे बढ़ गए।

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