उत्तर प्रदेश

होली में कानपुर की ठंडाई का तड़का लोगों में जबरदस्त;गुलकंद, चंदन और ड्राईफ्रूट से बनी कोहिनूर महाकाल, 66 साल पुरानी है दुकान

होली में कानपुर की ठंडाई का तड़का लोगों में जबरदस्त है। गुलकंद, चंदन और ड्राईफ्रूट से बनी कोहिनूर महाकाल लोगों को पसंद आ रहा है। शहर की 66 साल पुरानी बादशाहीनाका सब्जी मंडी स्थित निर्मल महाकाल ठंडाई में लोग मस्ती में डूब जाने की तैयारी में दिखे।

1960 में निर्मल ठंडाई के नाम से दुकान कृष्ण पहलवान और राजकुमार सिंह ने शुरू की थी। आज इस दुकान को इनकी चौथी पीढ़ी आदित्य सिंह और अभिषेक सिंह संचालित कर रहे हैं।

3 तस्वीरें देखिए…

आदित्य ठंडाई तैयार करते हुए।

आदित्य के परबाबा ने शुरू की थी दुकान।

आदित्य ने बताया कि मेरे बाबा और परबाबा ने इस दुकान पर सिलबट्टे से ठंडाई बनाकर बेचना शुरू किया था। वर्तमान में कानपुर की पुरानी और मशहूर दुकानों में हमारा नाम है। यहां कानपुर और आसपास से लोग ठंडाई पीने आते हैं।

आदित्य सिंह ने कहा कि होली और शिवरात्रि पर खास तैयारी हम करते हैं। ठंडाई एक ऐसी ड्रिंक है, जो सेहत के लिए आयुर्वेदिक पेय पदार्थ माना जाता है। ठंडाई के मिक्सचर में ऐसी चीजें होती हैं, जो शरीर को ठंडक पहुंचाती हैं। हमारे यहां ठंडाई में मेवों का खास इस्तेमाल किया जाता है।

ठंडाई पीने वालों ने कहा- सेहत के लिए भी फायदेमंद अंकित केसरवानी ने कहा-

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होली खुशियों का त्योहार है। यह हमारे भोले शिव बाबा को भी बहुत पसंद है। अगर सेहत के दृष्टिकोण से देखें तो भी ठंडाई अच्छी है। बस यह है कि लोग नशे का इस्तेमाल न करें, बल्कि ठंडाई का इस्तेमाल करें। होली पर घरों में ठंडाई का बहुत प्रचलन है। होली पर इसके साथ बड़ा मजा आता है।

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सचिन गुप्ता ने कहा-

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ठंडाई का सबसे बड़ा महत्व इसमें इस्तेमाल की जाने वाली चीजें हैं। जैसे सर्दी में इसे लिया जाए तो बादाम और केसर गर्म रखते हैं। वहीं गर्मियों में ठंडाई की तासीर ऐसी होती है कि गर्मी से राहत दिलाती है। इसमें पड़ने वाला ड्राई फ्रूट भी सेहत के लिए अच्छा होता है।

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