होली पर आई इलेक्ट्रिक पिचकारी बटन दबाते ही 50 मीटर दूर तक फेकती है पानी

हर साल की तरह इस बार भी होली पर्व उत्साह से मनाया जाएगा। पर्व के लिए शहर के बाजार गुलाल और पिचकारियों से सज चुके हैं। दुकानों पर लाल, गुलाबी, पीले और हरे रंग की चमक दिखाई दे रही है। इस बार बाजार में पारंपरिक पिचकारियों के साथ-साथ नई डिजाइन और थीम वाली पिचकारियां भी आई हैं। साथ ही प्राकृतिक रंगों की मांग भी बढ़ी है।
बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफार्म पर भी यूनिक पिचकारियों की मांग बढ़ रही है। छोटे बच्चों के लिए कार्टून थीम वाली पिचकारियां उपलब्ध हैं। इनमें सुपरहीरो, कार, बाइक और जानवरों के आकार की पिचकारियां ज्यादा पसंद की जा रही हैं। बाजार में बैटरी से चलने वाली और प्रेशर गन जैसी पिचकारी भी मौजूद हैं, जिसमें 1500 एमएएच की बैटरी लगी है, इसे आपको एक बार चार्ज करना होगा और ये होली खेलने में दिनभर आपका साथ देगी।

400 से 1200 तक कीमत
आधा लीटर की क्षमता वाली इस पिचकारी बंदूक के आकार की बनाई गई है, जिसका बटन एक बार दबाने पर रंग पचार मीटर दूर तक जाएगा। इसमें मोटर लगी होती है, जिससे पानी तेज धार में निकलता है। इसकी कीमत 400 रुपये से शुरू होकर 1200 रुपये तक जा रही है। कुछ दुकानों पर लाइट और म्यूजिक वाली पिचकारी भी मिल रही है। होली पर बच्चे गुलाल हाथों के साथ पिचकारी से उड़ा सकेंगे।
नियमित विकल्प भी पसंद किए जा रहे
पारंपरिक प्लास्टिक पिचकारी भी बाजार में है। विक्रेता पंकज मखीजा के अनुसार, साधारण सिलेंडर वाली पिचकारी 30 से 60 रुपये तक मिल रही है। मध्यम आकार की मजबूत प्लास्टिक पिचकारी 100 से 150 रुपये के बीच बिक रही है। सौरभ लालवानी के अनुसार, इस बार टैंक वाली बड़ी पिचकारी की मांग भी ज्यादा है। ये पिचकारी बैग की तरह पीठ पर टांगी जाती है। इसमें एक बार में ज्यादा पानी भरा जा सकता है।
ऑनलाइन ये विकल्प मौजूद
बाजार के साथ ऑनलाइन भी कई यूनिक पिचकारियां मौजूद हैं। फाग पिचकारी इनमें से एक हैं। इसमें पानी बहुत तेज धार से नहीं बल्कि धुंध की तरह बाहर निकलता है। इससे सामने वाले पर हल्की रंगीन फुहार पड़ती है। इसके साथ ही डबल टैंक पिचकारी भी मौजूद हैं।
इसमें दो अलग-अलग टैंक लगे होते हैं, जिनमें अलग रंग भरे जा सकते हैं। बटन बदलते ही रंग भी बदल जाता है। इसके अलावा स्टील बाडी पिचकारी का भी विकल्प मौजूद है। यह प्लास्टिक की बजाय हल्की धातु से बनी है।



