उत्तर प्रदेश

‘इकलौते बेटे को बर्थ-डे मनाने भेजा…वो कफन में लिपटकर लौटा’:झांसी में मां बोली- पहली बार पार्टी करने भेजा, वो छोड़कर चला गया

“मेरा बेटा 16 साल का हो गया था। वह हर बार घर में ही बर्थडे पार्टी करता था, लेकिन पहली बार मैंने उसे पार्टी के लिए घर के बाहर अकेले जाने दिया। क्या पता था कि मैं उसे आखिरी बार देख रही हूं। जब बेटा घर लौटा, तो कफन में लिपटा हुआ था। वह हम लोगों को हमेशा के लिए छोड़कर चला गया।”

यह कहना है अपने इकलौते बेटे निवेश को खोने वाली मां नीतू सक्सेना का। निवेश का 17 फरवरी को बर्थडे के दिन झांसी में एक्सीडेंट हो गया था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

एक दिन बाद दोस्त यश रायकवार ने भी दम तोड़ दिया। निवेश और यश बचपन के दोस्त थे। दोनों जेईई मेंस की तैयारी कर रहे थे। बड़े होकर इंजीनियर बनना चाहते थे।

निवेश की मौत के बाद मां नीतू रो-रोकर बेहाल हैं। बेटी उन्हें किसी तरह संभाल रही है।

बर्थडे के दिन बेटे को खोने वाले मां-बाप का दर्द पढ़िए

मां बोलीं- मैंने बेटे से कहा कि एंजॉय कर आओ

नवाबाद के कोंछाभांवर गांव के रहने वाले रविकांत सक्सेना के परिवार में पत्नी नीतू, एक बेटा निवेश (16) और एक बेटी हैं। वह बिहार के गया में प्राइवेट जॉब करते हैं। नीतू और रविकांत सक्सेना ने बताया कि निवेश मॉर्डन पब्लिक स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ता था। वह जेईई मेंस की तैयारी कर रहा था।

17 फरवरी को बेटे का जन्मदिन था। वह 16 साल का हो गया था। वह अपने दोस्तों को रेस्टोरेंट में पार्टी देना चाहता था। हर बार वह घर में ही बर्थडे एंजॉय करता था। जब बेटे ने बाहर जाने की बात कही, तो हमने हां कर दी।

कहा- सब लोग अपने बर्थडे पर एंजॉय करते हैं, इस बार तुम भी बाहर चले जाओ। मगर यह पता नहीं था कि मेरा बेटा मुझे छोड़कर चला जाएगा। मेरा बेटा निवेश स्कूल और कोचिंग ऑटो से जाता था, लेकिन पार्टी करने के लिए बाइक से चला गया।

उसके दोस्त यश रायकवार और प्रियांशु सेंगर भी साथ थे। यश बाइक चला रहा था, निवेश बीच में और प्रियांशु पीछे बैठा था। जब वे मेडिकल कॉलेज के सामने नारायण अस्पताल के पास पहुंचे, तभी एक गाड़ी ने कट मारा, जिससे बाइक बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में निवेश की मौके पर ही मौत हो गई।

तस्वीर निवेश की है। वह मॉर्डन पब्लिक स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ता था।

पिता बोले- फोन आया कि बेटा खत्म हो गया

पिता ने बताया कि बेटे निवेश को घर से निकले हुए थोड़ी ही देर हुई थी कि किसी का फोन आया- आपका बेटा खत्म हो गया। यह सुनते ही नीतू दौड़ पड़ीं। घर से लगभग 2 किलोमीटर दूर मौके पर पहुंचीं, तो बेटे का शव पड़ा था। वह हमेशा के लिए छोड़कर जा चुका था। वह कहता था कि बड़ा होकर इंजीनियर बनेगा। वह पढ़ाई में भी होशियार था। दसवीं कक्षा में उसके 73 प्रतिशत अंक आए थे।

एक दिन बाद दोस्त ने दम तोड़ा हादसे में घायल यश रायकवार (18) ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह सिमलिया गांव का रहने वाला था। उसके पिता विनोद रायकवार प्राइवेट जॉब करते हैं।

यश भी माता-पिता का इकलौता बेटा था। उससे छोटी एक बहन है। यश भी मॉर्डन पब्लिक स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ रहा था और जेईई मेंस की तैयारी कर रहा था।

पिता ने बताया कि पार्टी के बाद बेटे यश को कोचिंग जाना था। वह इंजीनियर बनना चाहता था। यश की मां रामेश्वरी देवी बेटे को याद कर बार-बार बेहोश हो जा रही हैं।

तस्वीर यश रायकवार की है, जिसने बुधवार को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

 

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