अब्बास अंसारी बोले- आगे कब बोल पाऊंगा, पता नहीं:विधानसभा में पहली बार बोले; सपा विधायक से खन्ना ने कहा- मंत्रीजी से कुश्ती लड़ लो

यूपी विधानमंडल में बजट सत्र का आज चौथा दिन है। मऊ विधानसभा के विधायक अब्बास अंसारी 4 साल में पहली बार विधानसभा में बोले। उन्होंने अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाया। आखिर में स्पीकर ने कहा कि टाइम खत्म हो रहा, तब अब्बास ने कहा- 4 साल में पहली बार बोल रहा हूं, आगे का पता नहीं कि कब तक बोल पाऊं, इसलिए थोड़ी देर सुन लिया जाए।
अब्बास को हेट स्पीच केस में 2 साल की सजा हुई थी। इसके बाद वे जेल चले गए थे। हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाई, तब रिहा हुए थे।
उधर, सपा विधायक कमाल अख्तर ने कहा, जैसे एक अच्छा डॉक्टर अच्छा स्वास्थ्य मंत्री हो सकता है, ठीक उसी तरह से एक खिलाड़ी अच्छा स्पोर्टस मिनिस्टर हो सकता है। अभी जो मंत्री जी हैं, उन्होंने कभी गिल्ली डंडा तो खेला नहीं है।
मंत्री गिरीश यादव खड़े हुए। उन्होंने कहा- मैं हर खेलों में आगे रहा हूं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना खेल मंत्री गिरीश के बचाव में उतरे। कहा- मंत्रीजी रेसलिंग करते हैं। किसी दिन यहां कुश्ती करवा देंगे। सतीश महाना ने चुटकी लेते हुए कहा- कुश्ती विधानसभा में नहीं होगी। बाहर ही होगी। इस पर वित्त मंत्री ने कहा- बाहर ही सही, लेकिन कुश्ती करा देंगे।
इससे पहले विधानपरिषद में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा पर भड़क गए। कहा- इनकी गलती नहीं है, इनके नेता का यही कल्चर है। सिर्फ बिल्डिंग से अस्पताल नहीं चलता। इन्होंने कुकर्म किए हैं। कुकर्म इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि अगर ये अस्पताल बनाते हैं तो ठेका चाचा और भतीजे को दे देते हैं। बिल्डिंग बनाकर लूटने का काम किया।
उन्होंने पड़वा की कहानी भी सुनाई। कहा-
हमारे गांव में भैंस का पड़वा मर जाता है, तो धोखा (पुतला) बनाकर उससे दूध निकाला जाता है। लेकिन ये लोग गाय का बच्चा भैंस के सामने लगा देते हैं और दूध निकालने का प्रयास करते हैं।

दरअसल, सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि कन्नौज में मेडिकल कॉलेज बनाया गया था। कहा कि 2016 में अस्पताल बना, लेकिन अब तक चालू नहीं हुआ। सरकार ऐसा दोहरा व्यवहार क्यों कर रही है।
विधानसभा में भी हंगामा, मंत्री नदी और रागिनी की बहस इधर, विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान हंगामा हो गया। दरअसल, मंत्री नंद गोपाल नंदी रागिनी सोनकर के सवालों का जवाब देने के लिए खड़े हुए। वह पहले रागिनी के ही सवाल पढ़ने लगे। इस पर स्पीकर सतीश महाना ने टोका।
इसके बाद मंत्री ने कहा- सवाल में आपने कुछ किया। पूछते ऐसे हैं, जैसे बच्चा पैर छूकर कहे कि बाबूजी प्रमाण करें, तो बच्चा खुश रहने के बजाय उसे रास्ता बताने लगे। कहे कि बैंगन लाए हैं, चोखा बनाएंगे।
इस पर रागिनी भड़क गईं। फिर मंत्री ने कहा- प्रश्न का जवाब देंगे। आप कहां-कहां चली गईं। इसी बीच महाना ने टोका और कहा- मंत्रीजी, जो पूछा गया है, उसका जवाब दे दीजिए। इस पर मंत्री इन्वेस्टर समिट के बारे में बताने लगे।
महाना ने कहा- यह तो डॉक्यूमेंट में लिखा है। जवाब में मंत्री ने कहा- सपा की सरकार 4 बार रही। इनकी इंस्टाग्राम की रील से शुरू होने वाली राजनीति फेसबुक तक आकर दम तोड़ देती है। इसके बाद हंगामा हो गया। वित्त मं
महाना बोले- सबको शायरी का शौक चढ़ गया
चित्रकूट के सपा विधायक अनिल प्रधान ने किसान पर शायरी पढ़ी- कर्ज के बोझ और बेरुखी को सहता है। अन्नदाता होकर भी भूखा सोता है। मेहनत की लकीरें माथे पर गहरी हैं, लेकिन उसकी मेहनत से दुनिया अनसुनी है।
इस पर स्पीकर सतीश महाना बोले- आजकल सबको शायरी का शौक चढ़ गया है।
मंत्री दिनेश भड़के, छाती ठोंकी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह सपा विधायक आरके वर्मा के सवालों का जवाब देते वक्त गुस्से में आ गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर विधानसभा में कृषि से जुड़ी योजनाओं पर काम किया है। इस दौरान सपा विधायकों ने विरोध जताया और नो-नो कहा।
इस पर मंत्री ने कहा- नो-नो करने से नहीं चलेगा। मेरे पास डॉक्यूमेंट हैं। कोई एक सदस्य खड़ा होकर पूछे कि उसकी विधानसभा में कितना काम हुआ है, तो मैं बता दूंगा। छाती ठोंककर कहता हूं, तुम्हारी जनता की तुम्हें नहीं, लेकिन सरकार को चिंता है। उन्होंने छाती भी ठोंकी।