SP पर कार्बाइन से गोलियां बरसाईं, एनकाउंटर में मारा गया:वर्दी में लूटता था अमजद; मुजफ्फरनगर में गोली खत्म होने तक की फायरिंग

मुजफ्फरनगर में पुलिस ने 50 हजार के इनामी बदमाश अमजद को एनकाउंटर में मार गिराया। गुरुवार तड़के साढ़े तीन बजे पुलिस को सूचना मिली कि बदमाश अपने गांव आ रहा है। पुलिस ने उसकी घेराबंदी की।
टीम ने बदमाश को सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने कार्बाइन और पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसमें एसपी देहात आदित्य बंसल, सीओ गजेंद्र सिंह और कोतवाल सुभाष अत्री बाल-बाल बच गए। उनके बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी।
दरोगा संदीप चौधरी और सिपाही अशफाक के हाथ में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस दौरान अमजद को गोली लगी। वह गिर पड़ा। पुलिस उसे उठाकर गाड़ी तक ले गई, फिर सीएचसी पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया।
मुठभेड़ बुढ़ाना थाना क्षेत्र में हुई। 40 साल का अमजद मुजफ्फरनगर के शाहपुर का रहने वाला था। उस पर यूपी, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड में कुल 40 मुकदमे दर्ज थे। 2021 में राजस्थान के चूरू में मुथूट फाइनेंस से 5 किलो सोना लूटा था। पुलिस की वर्दी में वह अक्सर वारदातों को अंजाम देता था।
गोली खत्म होने पर भी फायरिंग करता रहा बदमाश
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ 20–25 मिनट तक चली। बदमाश ने पुलिसवालों पर तब तक फायरिंग की, जब तक उसकी पिस्टल और कार्बाइन की गोलियां खत्म नहीं हो गईं। करीब 20 राउंड फायरिंग की।
गोलियां पुलिस के वाहनों पर लगीं, जिससे शीशे टूट गए। पुलिसकर्मियों ने वाहन की आड़ लेकर अपनी जान बचाते हुए 4 राउंड फायरिंग की। इसमें बदमाश को गोली लगी। उसने बुढ़ाना सीएचसी में इलाज के दौरान दम तोड़ा। पुलिस ने घटनास्थल से कार्बाइन, बाइक और पिस्टल बरामद की।
पुलिस वर्दी पहनकर करता था लूट
अमजद ने 2012 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। 2013 में उस पर मुजफ्फरनगर में गैंगस्टर एक्ट लगाया गया। अमजद पुलिस की वर्दी पहनकर लूट की घटनाओं को अंजाम देता था।
विरोध करने पर वह तुरंत फायरिंग कर देता था। 2017 में लूट की कोशिश में एक युवक की गोली मारकर हत्या करने के बाद अमजद सुर्खियों में आया था। अमजद के खिलाफ मुजफ्फरनगर में सबसे ज्यादा 21 मुकदमे दर्ज थे।



