नए लेबर लॉ के खिलाफ सड़कों पर कर्मचारी:इंदौर, भोपाल सहित कई शहरों में प्रदर्शन, चारों श्रम संहिताएं रद्द करने की मांग

सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के कर्मचारियों ने नए लेबर कानून समेत कई मुद्दों के खिलाफ हड़ताल की। जबलपुर, कटनी और इटारसी में डिफेंस फैक्ट्रियों के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। हालांकि, इटारसी में एक घंटे के विरोध प्रदर्शन के बाद कर्मचारी काम पर लौट आए।
हड़ताल में यूनाइटेड ट्रेड यूनियन फ्रंट, INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, सर्विस, बैंक, इंश्योरेंस, सेंट्रल कर्मचारी और BSNL जैसे संगठन शामिल थे।
मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के कोऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया कि सरकारी और प्राइवेट दोनों बैंक हड़ताल में हिस्सा लिया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यूनियन ने हड़ताल को सपोर्ट किया है, लेकिन वह सीधे तौर पर हिस्सा नहीं ले रहा है।
भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों ने भी हड़ताल में हिस्सा लिया। हड़ताल का असर BSNL और पोस्टल डिपार्टमेंट पर भी पड़ा। चारों लेबर कोड को रद्द करने की मांग को लेकर सभी शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए।

संगठनों की प्रमुख मांगें
- चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) और उनसे जुड़े नियमों को रद्द करने की मांग।
- ड्राफ्ट सीड बिल को वापस लेने की मांग।
- बिजली संशोधन विधेयक को निरस्त करने की मांग।
- SHANTI Act (न्यूक्लियर एनर्जी से संबंधित कानून) को वापस लेने की मांग।
- मनरेगा की बहाली की मांग।
- विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 को रद्द करने की मांग।


