यूजीसी के समर्थन में भीम आर्मी-ASP का प्रदर्शन:पूर्व विधायक ने धीरेन्द्र शास्त्री की तुलना डकैतों से की, कहा- दान लाखों कन्याओं के नाम पर, शादियां कुछ सौ की

भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने यूजीसी के समर्थन में भोपाल में प्रदर्शन किया। पार्टी के कार्यकर्ता अंबेडकर जयंती मैदान पर इकट्ठे हुए। भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील बैरसिया, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील अस्तेय, पूर्व विधायक आरडी प्रजापति, दलित पिछड़ा समाज संगठन के अध्यक्ष दामोदर यादव मौजूद रहे।
धीरेन्द्र शास्त्री की तुलना डाकुओं से की
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छतरपुर जिले की चंदला के पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने कहा हमारी एक यात्रा 27 फरवरी को सागर में होने वाली है। मैं किसी दल का नहीं हूं। मैं दिल वाला हूं। जहां दलित, आदिवासी, पिछड़ों की बात होगी। वहां चाहे मुझे जूता भी मारा जाए मैं वहां पहुंच जाता हूं। मैं पट्टा वाला नेता नहीं हूं। 28 तारीख को हमारी यात्रा धीरेन्द्र शास्त्री के गांव छतरपुर में पहुंचेगी। वहां सैकड़ों गाडियों के काफिले से हम लोग पहुंचेंगे।
पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा कराए जा रहे गरीब कन्याओं के विवाह की तुलना डकैतों से करते हुए कहा-

वो भी तीन सौ लड़कियों की शादियां कर रहे हैं। हमारे यहां डाकू होते थे करोड़ों रूपए लाते थे और दो चार बेटियों की शादियां कर देते थे। लोग कहते थे बहुत अच्छा डाकू है। वहां जो शादियां हो रहीं हैं उनमें 500 कन्याओं की शादी का दान तो केवल एक आदमी देता है। पता नहीं लाखों कन्याओं का दान मिल जाता है और दो-तीन सौ कन्याओं की शादियां कर देते हैं।

प्रजापति बोले: करणी सेना वालों के पास महलों में चूना पुतवाने के पैसे नहीं
पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने कहा- करणी सेना के बहादुर लड़ाई लडते रहते हैं। बुन्देलखंड में राजगढ़ पैलेस जो छत्रसाल महाराज की धरोहर है आप लोग उसे बचाईए। उस राजगढ़ पैलेस से अरबों रुपए निकाल लिए। आरएसएस के लोगों ने उसे होटल बना दिया। अगर लड़ना है तो अपने महलों में पहले चूना पुतवा लो। आपके जो मुनीम थे वो अरब-खरब पति बन गए और आपके पास महलों में चूना पुतवाने के लिए पैसे नहीं हैं।


सीएम हाउस घेरने जा रहे कार्यकर्ताओं पर चली वाटर कैनन अंबेडकर जयंती मैदान पर सभा को संबोधित करने के बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ता सीएम हाउस घेराव के लिए रवाना हुए। जैसे ही वे प्रकाश तरण-पुष्कर की तरफ बढ़े पुलिस ने बैरिकेडिंग करके रोक लिया। पुलिस की समझाइश के बाद भी जब कार्यकर्ता नहीं माने तो पुलिस ने वाटरकैनन चलाई और कार्यकर्ताओं और कई पदाधिकारियों को पुलिस वैन में भरकर ले गईं।
सीएम के नाम सौंपा 17 सूत्रीय ज्ञापन
मुख्यमंत्री के नाम 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते भीम आर्मी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, किसान और छात्रों से जुड़ी इन जायज मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन होगा।

ज्ञापन में ये 17 मुख्य मांगें सीएम के नाम दिए ज्ञापन में सबसे प्रमुख मुद्दा ओबीसी आरक्षण का रहा, जिसमें संगठन ने 13% होल्ड आरक्षण को तुरंत प्रभाव से लागू करने और आगामी जातिगत जनगणना में पिछड़ा वर्ग की जातियों के लिए अलग कॉलम बनाने की मांग उठाई है।
साथ ही एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के वर्षों से लंबित बैकलॉग पदों को विशेष भर्ती अभियान के जरिए भरने और पदोन्नति में आरक्षण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में यूजीसी विनियम 2026 में संशोधन की मांग करते हुए वर्ष 2012 की तर्ज पर सख्त निर्देश जारी करने को कहा गया है ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव खत्म हो सके। संगठन चाहता है कि इक्विटी कमेटी और एंटी-डिस्क्रिमिनेशन तंत्र में इन वर्गों की कम से कम 50 प्रतिशत भागीदारी अनिवार्य हो।
किसानों और एससी, एसटी के मुद्दे उठाए
किसानों के मुद्दे पर भी भीम आर्मी और ASP मुखर नजर आए। उन्होंने ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के पारदर्शी सर्वे और तत्काल मुआवजे के साथ-साथ नीमच स्थित धानुका इथेनॉल प्लांट से फैल रहे प्रदूषण की स्वतंत्र जांच की मांग की है। इसके अलावा एससी-एसटी वर्ग की आवंटित जमीनों से अवैध कब्जे हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने और 2 अप्रैल 2018 के आंदोलन सहित गुर्जर सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा विवाद के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की बात कही गई है।



