उत्तर प्रदेशवाराणसी

वाराणसी दाल मंडी में व्यापारी ने अपनी दुकान फूंक दी:खुद पर भी पेट्रोल छिड़का, बुलडोजर चलते देख लोग रोते-गिड़गिड़ाते रहे

वाराणसी की दाल मंडी में प्रशासन ने जर्जर 21 मकानों-दुकानों में से 18 को ढहा दिया। बुलडोजर और हथौड़े से मकानों-दुकानों को तोड़ा गया। इससे पहले एक व्यापारी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। मकान के पहले फ्लोर पर खड़े होकर सुसाइड करने की चेतावनी देने लगा। यह देखकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। अधिकारी उसे समझाने लगे।

नाराज व्यापारी ने कहा- हमारा मकान जर्जर नहीं है। प्रशासन बेवकूफ नहीं बना सकता। अगर मकान गिराया तो हमें मुआवजा चाहिए। ये लोग जर्जर बताकर मुआवजा देने से बचना चाहते हैं। यह कहते हुए उसने दुकान में आग लगा दी। इसके बाद पुलिस ने मुश्किल से आग बुझाई।

कई अन्य लोगों ने भी बुलडोजर एक्शन का विरोध किया। वे प्रशासन के अधिकारियों से 10 दिन की मोहलत मांगते रहे। तमाम लोग रोते-बिलखते दिखे। इस दौरान हंगामा करने वाले 8 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें खींचते हुए ले गई, कुछ लोगों की पिटाई भी की। दाल मंडी में सड़क चौड़ी करने के लिए जर्जर मकानों-दुकानों पर बुलडोजर चल रहा है। दाल मंडी में अब तक की यह एक दिन में सबसे बड़ी कार्रवाई है।

घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए…

दुकानदार ने दुकान और खुद पर पेट्रोल छिड़का। फिर दुकान में आग लगा दी।
आग भड़कने पर लोग डर गए। पुलिस फोर्स सीढ़ियों के सहारे में मकान में दाखिल हुई है।

दुकानदारों ने पूछा- क्या मार ही डालोगे दुकानदारों ने रोते हुए अफसरों से पूछा- हमारा गुनाह क्या है? क्या मार डालोंगे हमें? सड़क चौड़ी करनी है, तो लोगों को बर्बाद कर देंगे? सरकार हमें खत्म कर रही है। रोजी-रोटी छीन ली है। प्रशासन ने हमें कोई नोटिस नहीं दिया।

500 पुलिसकर्मी तैनात रहे, ड्रोन से निगरानी हुई

  • चारों थानों के करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात रहे। इनमें महिला कर्मी भी शामिल रहीं। ड्रोन से निगरानी की गई।
  • इससे पहले 21 जनवरी को एक साथ तोड़े गए 8 मकानों को ध्वस्त किया गया था। नगर निगम ने 31 जनवरी को 23 मकान मालिकों को नोटिस दी थी।
  • सभी मकान 100 साल से ज्यादा पुराने और जर्जर हैं। लेकिन, लोग जान जोखिम में डालकर इनमें रह रहे हैं।

ACP दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान ने बताया- दाल मंडी में चौड़ीकरण के लिए मकानों का ध्वस्तीकरण कराया जा रहा। दालमंडी के अंदर आने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। जिससे किसी भी प्रकार का आवागमन न हो सके और कार्य में बाधा न पड़े।

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