संभल में सोना पकड़ने ई-रिक्शा से पहुंचे थे GST अफसर:मार्केट से 1KM दूर छोड़ीं गाड़ियां, 33 करोड़ का माल पकड़ा

संभल में 4 फरवरी को GST अफसरों ने ज्वेलर के यहां छापा मारकर 33 करोड़ का सोना-चांदी और डायमंड जब्त किया। इस छापेमारी को अंजाम देने के लिए अफसरों ने पूरी प्लानिंग की। मार्केट में किसी को छापेमारी की भनक न लगे, इसलिए अफसरों ने अपनी गाड़ियां दुकान से करीब एक किलोमीटर पहले ही छोड़ दीं।
इसके बाद 2 टीमों में बंटकर अफसर दो ई-रिक्शे पर बैठकर मार्केट पहुंचे। कस्टमर बनकर मोंटू ज्वैलर की शॉप में एंट्री की। उसके बाद छानबीन शुरू की। 2 घंटे तक न कोई दुकान से बाहर आया, न अंदर गया। 2 घंटे बाद जब टीम की 4 गाड़ियां और पुलिस फोर्स ज्वैलरी शॉप पर पहुंची, तब छापेमारी की खबर फैली।
बता दें, चंदौसी के महाजन बिसौली गेट में रहने वाले हिमांशु अग्रवाल के मोंटू ज्वेलर्स पर जीएसटी विभाग ने 21 घंटे तक छापेमारी की। इसमें 33 करोड़ का सोना, चांदी और हीरे बरामद किए गए। जिसका हिसाब करोबारी नहीं सके। विभाग ने ज्वेलर से 1.20 करोड़ का जुर्माना भी वसूला है।
पहले देखिए 2 तस्वीरें

GST टीम ने एक महीने तक रेकी की मुरादाबाद के GST विभाग के एक अफसर ने बताया- हमारी टीम ने शहर के नामी ज्वेलर हिमांशु अग्रवाल की मोंटू ज्वेलर्स शॉप की एक महीने तक रेकी की। पुख्ता जानकारी के बाद 4 फरवरी को 10 अधिकारी चंदौसी पहुंचे। उन्होंने अपनी 4 गाड़ियां शहर के बाहर छोड़ दीं। फिर दोपहर 1 बजे ई-रिक्शा से सर्राफा बाजार पहुंचे।
21 घंटे चली इस कार्रवाई में 16 किलो 638 ग्राम सोना, 875 किलो चांदी की ज्वेलरी और 34.43 कैरेट हीरे बरामद किए गए। ये ज्वेलरी स्टॉक रजिस्टर में दर्ज नहीं थी। स्टॉक रजिस्टर में केवल 439 ग्राम सोना और 120 किलोग्राम चांदी की ज्वेलरी का हिसाब मिला। बरामद ज्वेलरी का मूल्य करीब 33 करोड़ रुपए आंका गया।
300 करोड़ का सामान होने की मिली थी सूचना सूत्रों के अनुसार, GST विभाग को ज्वेलर के पास 300 करोड़ रुपए से अधिक की सोने-चांदी की ज्वेलरी होने की जानकारी मिली थी। हालांकि, पूरी रात चली कार्रवाई के बाद विभाग केवल 33 करोड़ रुपए की ज्वेलरी ही बरामद कर सका।
बताया जाता है कि हिमांशु अग्रवाल प्रॉपर्टी कारोबार में भी निवेश करते हैं। उनके पास करोड़ों की जमीनें हैं। उनका कारोबार काफी समय से बाजार और पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ था। वह थोक का काम करते थे। छोटे दुकानदार उन्हीं से सोने-चांदी की ज्वेलरी लेते थे।

ऐसे प्लान बनाया?
एक GST अफसर ने बताया- एक महीने से संभल के सर्राफा कारोबारियों पर नजर रखी जा रही थी। इसके लिए 15 से 20 अफसर अलग-अलग टीम में मुरादाबाद से संभल आते। कस्टमर बनकर ज्वेलरी के शोरूम में जाते। रेट और कितना सोना है, ये पता करते।
कुछ चौकीदार बनकर आने-जाने वाले माल पर नजर रखते। बीते दिनों जैसे ही सोने और चांदी के रेट अचानक कम हुए, कारोबारियों ने ज्यादा गहने खरीदने शुरू किए। चंदौसी के बड़ा बजार में मोंटू ज्वैलर्स के मालिक हिमांशु अग्रवाल ने जैसे स्टॉक बढ़ाया, टीम ने छापा मार दिय।
व्यापारियों ने विरोध में बंद की थी मार्केट छापेमारी के दौरान बड़ा बाजार के अन्य व्यापारियों ने कार्रवाई के विरोध में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया था। बाजार बंद कर धरने पर बैठ गए थे। GST अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की थी।
5 फरवरी की सुबह भी व्यापियों ने मार्केट बंद रखी और दुकानों के बाहर धरने पर बैठे रहे। व्यापारी राजेश जिंदल ने बताया- महंगाई की वजह से सर्राफा बाजार में व्यापार ठप पड़ा है। इससे हम बहुत परेशान हैं। चंदौसी में यह पांचवां छापा है। हमारा इस तरह का शोषण ना हो, हमें सुविधा मिले।
भाजपा के नगर अध्यक्ष अंकुर अग्रवाल और केंद्रीय सफाई आयोग की पूर्व दर्जा राज्यमंत्री मंजू दिलेर भी मौके पर पहुंची थीं। उन्होंने व्यापारियों से बात की थी। आश्वासन के बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त किया था। इसके बाद 6 फरवरी को बाजार खुला था।



