उत्तर प्रदेश

मंत्री को घेरने वाले विधायक के पिता बोले-मैं धृतराष्ट्र नहीं:महोबा में कहा- स्वतंत्र देव चापलूसों से घिरे, गुड्‌डू की पीठ थपथपानी चाहिए

महोबा में जलशक्ति मंत्री को बंधक बनाने के बाद चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत उर्फ गुड्‌डू भैया को भाजपा ने नोटिस भेजा है। इसके बाद विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत भी बेटे के समर्थन में उतर आए हैं।

गंगाचरण राजपूत ने कहा-

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मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अनुशासनहीनता की है। मेरे बेटे ने जो कहा, वह जनता का दर्द था। इसे जानबूझकर हवा दी गई। मंत्री को मेरे बेटे की पीठ थपथपानी चाहिए। मंत्री चापलूसों से घिरे हैं। अफसर उन्हें जो दिखाते हैं, वो वही देखते हैं।मंत्री को बेटे के बताने के बाद मौके पर जाना चाहिए था। गांवों की हकीकत देखनी चाहिए थी।

विधायक ने 100 प्रधानों के साथ रोका था रास्ता

30 जनवरी को महोबा जिले में भाजपा विधायक और मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बीच टकराव हुआ था। विधायक ने 100 से अधिक प्रधानों के साथ मंत्री का काफिला रोक लिया था। आरोप लगाया था कि सड़कें खोद कर रख दी गई हैं। काम नहीं हो रहा। इसके बाद मंत्री और विधायक के बीच जमकर नोकझोंक हुई थी। करीब 30 मिनट बाद हंगामा शांत हुआ था।

मंत्री और विधायक एक गाड़ी में बैठे थे। इस दौरान दोनों के बीच बहस होती रही।

पूर्व सांसद ने क्या कहा, वो पढ़िए

पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने कहा- अधिकारी जमीनी हकीकत को छिपाकर गलत रिपोर्ट पेश करते हैं। लेकिन, विधायक जनता के बीच रहता है। उसे ही चुनाव में जनता का सामना करना है। इसलिए मंत्री को बेटे की बात मानकर मौके जाकर जमीनी हकीकत देखनी चाहिए थी।

लोकतंत्र में करियर जनता बनाती है स्वतंत्र देव सिंह के विधायक का करियर बर्बाद होने की बात पर गंगाचरण ने कहा- लोकतंत्र में करियर जनता बनाती है। किसी राजा के पेट से नेता पैदा नहीं होते। जिस कार्यक्रम में मंत्री आए, वहां एमएलसी को मंच से नीचे बैठाया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष को मंच से नीचे बैठाया गया। ये भी अनुशानहीनता है। उन्हें नहीं पता कि प्रोटोकॉल में एमएलसी और जिला पंचायत अध्यक्ष ऊपर बैठता है। सबसे बड़े अनुशासनहीन तो खुद स्वतंत्र देव सिंह हैं। उनके खिलाफ नोटिस जारी होना चाहिए।

मंत्री जिले में किसके बुलाने पर आए थे? न सदर के विधायक ने बुलाया, न चरखारी के विधायक को पार्टी ने बुलावा भेजा। जिस कार्यक्रम में वो आए, उस शख्स का टिकट क्लियर नहीं हुआ। लेकिन, वो किसी को विधायक बनाने के लिए प्रचार कर रहे हैं।

सीएम को घेरने वाली बात जोश में बोली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘घेराव’ वाले बयान पर गंगाचरण ने कहा- बेटा नौजवान है। जोश में उसकी जुबान फिसल गई। इसलिए उसने मुख्यमंत्री को घेरने वाली बात बोल दी। उसका मतलब था कि इस विषय को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे। इसके लिए मैं और मेरा बेटा खुद मुख्यमंत्री से माफी मांग लेगा।

गंगाचरण राजपूत 3 बार सांसद सांसद रहे हैं।

अखिलेश ने भी नहीं पकड़वाया था पूर्व सांसद ने कहा- गुड्डू 25 साल से लड़ रहे हैं। उसने बुंदेलखंड अधिकार सेना बनाई। उसने अपने बल पर 10-10 हजार आदमी अपने साथ इकट्‌ठा किए। उरई में एक बार पूरे दिन हाईवे जाम रखा। उस समय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव थे। मैंने उनसे कहा था कि बेटे को गिरफ्तार कर लो। वो नहीं मानता, तो रात में उठवा लो। इस पर अखिलेश ने कहा था कि वो राजनीति कर रहा है। उसे सीखने दो।

उसने पूरे दिन हाईवे जाम रखा। कहीं बल प्रयोग नहीं किया गया। वो में अवैध खनन, बिजली-पानी के लिए लड़ाई लड़ता है। उस समय केंद्रीय मंत्री प्रदीप आदित्य जैन के घर का घेराव कर धरना दिया था। तब उन्होंने प्रधानमंत्री से उसकी बात कराई थी। मुलाकात कराई थी। इसे ही लोकतंत्र कहते हैं।

मेरे बेटे के साथ पूरा बुंदेलखंड खड़ा है गंगाचरण राजपूत ने कहा- मैं धृतराष्ट्र नहीं हूं, जो बेटे की गलती पर पट्टी बांध लूं। लेकिन जो बेटा सत्य, न्याय और बुंदेलखंड के प्यासे लोगों के लिए लड़ रहा है, उस पर मुझे गर्व है। पानी की कोई जाति नहीं होती। इस लड़ाई में पूरा बुंदेलखंड विधायक के साथ खड़ा है।

 

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