पूर्व विधायक बलजीत यादव की कोर्ट में पेशी:बोले- जसवंत यादव अपने बेटे को MLA बनाना चाहता; ED ने 6 दिन का रिमांड मांगा

बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज जयपुर स्थित ईडी कोर्ट में पेश किया। ईडी अधिकारियों ने कोर्ट से यादव का रिमांड मांगा है।
वहीं बलजीत यादव के वकीलों ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि ‘अगर बलजीत यादव भाजपा जॉइन करता तो कार्रवाई नहीं होती।’ जज खगेंद्र कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों को सुना। अब लंच के बाद मामले में आगे सुनवाई होगी।
इससे पहले कोर्ट लाए गए बलजीत यादव ने कहा-
मुझेराजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जसवंत यादव (बहरोड़ विधायक)अपने मंदबुद्धि बेटे को विधायक बनाना चाहता है और खुद स्टेज-4 कैंसर से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है।


क्षेत्र विकास निधि से करोड़ों के गबन का आरोप
पूर्व विधायक पर स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD Fund) से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि के दुरुपयोग और गबन का आरोप है। ईडी ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की है।
ईडी ने मंगलवार रात अलवर के शाहजहांपुर टोल प्लाजा (दिल्ली-जयपुर हाईवे पर NHAI ऑफिस के पास) से मंगलवार रात पूर्व विधायक बलजीत यादव को हिरासत में लिया था। इसके बाद पूछताछ के लिए जयपुर स्थित ईडी ऑफिस लाया गया था। यहां पूछताछ के बाद बलजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया गया था।
कोर्ट में वकीलों का तर्क
पूर्व विधायक के वकील बोले- फर्म के व्यक्ति से संपत्ति विवाद
बलजीत यादव के वकीलों ने कहा- जिस फर्म के पास पैसे आने की बात कही जा रही है। उस व्यक्ति से बलजीत यादव का संपत्ति विवाद पहले से है। टेंडर अखबार में प्रकाशित करवाए गए थे। प्रक्रिया के मुताबिक- पंचायत समिति की ओर से टेंडर प्रकाशित करवाए गए, उसमें बलजीत का कोई लेना-देना नहीं है। ED के दावे पूरी तरह से गलत है।
कोर्ट ने पूछा- क्या मामले पंचायत समिति के लोगों को अभियुक्त बनाया, क्या उस व्यक्ति को अभियुक्त बनाया जिसके खाते में पैसा गया?
बलजीत के वकीलों ने कहा- हमने हर जवाब में ED को लिखा था, जब भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा वे आएंगे, उसके बावजूद बलजीत यादव इस तरह गिरफ्तार किया गया, जो इलीगल है। वकीलों ने रिमांड का विरोध किया।
ED ने 6 दिन का मांगा रिमांड
ईडी के वकीलों ने आरोप लगाया कि बलजीत ने खुद फर्जी फर्म बनवाकर फंड डायवर्ट किया। ईडी ने मामले में आगे पूछताछ के लिए 6 दिन का रिमांड मांगा है।

ईडी जांच में ये आया था सामने
1- जयपुर, दौसा और बहरोड़ में मिले थे सबूत
ईडी सूत्रों के अनुसार- जनवरी 2025 में जयपुर, दौसा और बहरोड़ में बलजीत यादव के कुल 10 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इनमें जयपुर में 8 और दौसा व बहरोड़ में एक-एक ठिकाने शामिल थे। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत बरामद किए गए थे, जिनके आधार पर गिरफ्तारी की गई।
2- सरकारी स्कूलों के लिए स्पोर्ट्स किट के नाम पर पैसा हड़पा
साल 2021-22 में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए बैडमिंटन और क्रिकेट किट खरीदी गई थीं। इनकी खरीद के नाम पर विधायक निधि से करीब 3.72 करोड़ रुपए खर्च किए गए। आरोप है कि इस राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया और कई मामलों में बिना आपूर्ति या घटिया सामग्री के भुगतान किया गया।
मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की ओर से पहले ही एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की। जांच में फर्जी बिलिंग, ठेकेदारों से मिलीभगत और सरकारी धन के गबन जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।

खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाला नेता बताते
दिलचस्प बात यह है कि बलजीत यादव , जब बहरोड़ से निर्दलीय विधायक थे। तब उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जयपुर के सेंट्रल पार्क में काले कपड़े पहनकर सुबह से शाम तक दौड़ लगाई थी और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
इसके अलावा उन्होंने अपने क्षेत्र में पोस्टर लगवाकर भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को 51 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा भी की थी। अब वहीं बलजीत यादव खुद करोड़ों रुपये के गबन और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में ईडी की गिरफ्त में हैं। कोर्ट में पेशी के बाद ईडी उनसे रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी।



