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ममता बोलीं- देश में कोई नहीं लड़ेगा तो मैं लड़ूंगी:आज TMC का 15 सदस्यीय दल SIR को लेकर CEC से मुलाकात करेगा

पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने कहा है कि वह और उनकी पार्टी मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के मुद्दे पर लड़ाई जारी रखेंगी। ममता आज SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करने वाली हैं।

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने दिल्ली में बंगाल के लोगों के साथ बदसलूकी का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इन मुद्दों को मजबूती से उठाएगी और संबंधित संस्थानों से जवाब मांगेगी। ममता ने कहा- मैं बंगा भवन जा रही हूं, ताकि वहां मौजूद अपने लोगों से मिल सकूं और दिल्ली पुलिस की ज्यादतियों को देख सकूं।

अगर इस देश में कोई नहीं लड़ेगा, तो मैं लड़ूंगी, हमारी पार्टी लड़ेगी। दिल्ली के लोगों को पता ही नहीं है कि बंगाल में क्या हो रहा है। मुझे अभी-अभी जानकारी मिली और मैं कपड़े तक नहीं बदल पाई।

नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करतीं ममता बनर्जी। - Dainik Bhaskar

बंगा भवनों के बाहर दिल्ली पुलिस की भारी तैनाती

इस बीच, हेली रोड और चाणक्यपुरी स्थित दोनों बंगा भवनों के बाहर दिल्ली पुलिस की भारी तैनाती की गई है।

तृणमूल कांग्रेस का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में, आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेगा।

TMC का आरोप है कि बंगाल में SIR की प्रक्रिया पक्षपाती, मनमानी, भेदभावपूर्ण और राजनीतिक मकसद से की जा रही है। X (ट्विटर) पर TMC के आधिकारिक अकाउंट में यह जानकारी दी गई है।

पोस्ट में यह भी कहा गया कि प्रतिनिधिमंडल अपनी साफ मांगें रखेगा और तुरंत सुधार की मांग करेगा, क्योंकि चुनाव आयोग को पहले दी गई शिकायतों पर अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।

इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर SIR पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से आम लोगों को बहुत परेशानी हुई है और लोकतंत्र पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है।

12 राज्यों में चल रही SIR की प्रोसेस

फिलहाल देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया चल रही है। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी को जारी की जाएगी।

इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR हो रहा है- अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।

चुनाव आयोग के मुताबिक, पहले कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया और जरूरी तैयारियां की गईं। इसके बाद नवंबर-दिसंबर में मतदाताओं से जुड़ी जानकारी इकट्ठा की गई।

चुनाव आयोग के अनुसार, 28 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच छपाई और प्रशिक्षण का कार्य हुआ। इसके बाद 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक गणना (एन्यूमरेशन) चरण चला।

मसौदा मतदाता सूची 9 दिसंबर को प्रकाशित की गई। इसके बाद 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियों की अवधि रही।

नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) 9 दिसंबर से 31 जनवरी तक चला, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को किया जाएगा।

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