बसपा नेता के रोटवीलर डॉग का बच्चे पर जानलेवा अटैक:हमीरपुर में सीने-हाथ में काटा, मांस के लोथड़े तक निकाल लिए

हमीरपुर में बसपा नेता के रोटवीलर कुत्ते ने मासूम बच्चे पर जानलेवा हमला कर दिया। बच्चा जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद कुत्ते ने बच्चे के हाथ और सीने पर चार जगह काट लिया। मांस के लोथड़े निकाल गए।
बच्चे की चीख सुनकर बसपा नेता दौड़कर पहुंचे। बच्चे को किसी तरह बचाया गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। 11 साल का बच्चा बसपा नेता के घर बच्चों के साथ खेलने गया था। छत पर खेलकर सीढ़ियों से उतर रहा था, तभी कुत्ते ने हमला कर दिया।
घटना रविवार रात सुमेरपुर थाना क्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक, परिजनों की शिकायत मिली है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बसपा नगर अध्यक्ष शिवम जनार्दन के पास दो रोटवीलर कुत्ते हैं। दोनों का लाइसेंस भी उनके पास नहीं है।
जानिए पूरा मामला राजेंद्र कुमार गौतम सुमेरपुर कस्बे में रहते हैं। वह इस्पात मिल में काम करते हैं। रविवार शाम उनका बेटा अंश घर से 50 मीटर दूर बसपा नेता के घर खेलने गया था। 2 घंटे तक अपने दोस्त पथिक के साथ छत पर खेला। घर आते वक्त रोटवीलर कुत्ता उस पर अचानक टूट पड़ा।
अंश ने बताया कि उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुत्ते ने उसके हाथ और सीने पर कई बार काटा। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर बसपा नेता और उनके घरवाले पहुंचे। किसी तरह बच्चे को कुत्ते से बचाया गया, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। घायल बच्चे को तुरंत सुमेरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
पिता बोले- शिकायत के बाद भी पुलिस ने एक्शन नहीं लिया
पीड़ित पिता राजेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने पड़ोसी शिवम जनार्दन के खिलाफ शिकायत दी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।

कुत्ता काटे तो न करें लापरवाही डॉ. रोहित भाटी ने बताया- कुत्ते के काटने को कभी भी हल्के में न लें। रैबीज एक घातक वायरल बीमारी है। यह कुत्ते, बिल्ली या अन्य जानवर के काटने अथवा खरोंच से फैलती है। समय पर एंटी रैबीज इंजेक्शन न लगवाने पर वायरस शरीर में तेजी से फैलकर दिमाग, नर्वस सिस्टम और हृदय पर हमला करता है। यह जानलेवा भी हो सकता है। फिलहाल, रामकुमार को दिल्ली AIIMS में भर्ती कराया गया है।
यूपी में पूरे देश के सबसे ज्यादा आवारा कुत्ते केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के 2019 के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे देश में सबसे अधिक आवारा कुत्ते यूपी में थे। यूपी में कुल 20,59,261 आवारा कुत्ते हैं। यह संख्या 2012 की तुलना में लगभग आधी थी। सिर्फ राजधानी लखनऊ की बात करें, तो 2019 में यहां 75 हजार आवारा कुत्ते थे। यह आंकड़ा पशुओं के लिए काम करने वाली संस्था ह्यूमन सोसाइटी इंटरनेशनल के सर्वे में सामने आया था। लखनऊ नगर निगम के सर्वे के अनुसार, शहर में अनुमानित 95 हजार आवारा कुत्ते हैं।
पालतू कुत्तों के लिए नियम
- पालतू कुत्तों का 15 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन जरूरी।
- मालिक को यह सुनिश्चित करना होगा कि पालतू सार्वजनिक जगहों पर कोई परेशानी न पैदा करें।
- मालिक को लिखित में जानकारी देनी होती है कि पालतू से किसी को नुकसान नहीं होगा।
- पालतू कुत्ते के लिए लाइसेंस लेना होता है।
आवारा कुत्तों के लिए नियम (ABC प्रोग्राम)
- नसबंदी और रैबीज वैक्सीनेशन जरूरी।
- नगर निकाय आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के लिए Animal Birth Control Rules, 2023 लागू करें।
- यूपी में 2023-25 के दौरान 2.84 लाख आवारा कुत्तों का नसबंदी और टीकाकरण हुआ।
- पशु कल्याण विभाग, बोर्ड ऑफ इंडिया की ओर से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों के मामले में फैसला सुरक्षित कुत्तों का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है। कोर्ट ने 30 जनवरी को आवारा कुत्तों की नसबंदी और दूसरी जगह शिफ्ट करने के 7 नवंबर के आदेश में बदलाव की मांग वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा लिया।
कोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार हर दिन सिर्फ 100 आवारा कुत्तों की नसबंदी कर रही है जो नाकाफी है। यह भूसे के ढेर में सुई खोजने जैसा है। पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु ने कोर्ट के निर्देशों का सही ढंग से पालन नहीं किया है।