इस्तीफा देने वाले बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अविमुक्तेश्वरानंद से मिले:काशी में शंकराचार्य से इशारों में बात की, आगे की रणनीति बताई

इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री रविवार को वाराणसी पहुंचे। मठ पहुंच कर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की। इस दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मौनव्रत थे। जिसके चलते उनकी इशारों में बातचीत हुई। अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी आगे की रणनीति और सामाजिक-कानूनी संघर्ष की रूपरेखा बताई। शंकराचार्य उनकी बात सुनते रहे।

सवाल : इस्तीफा देने के बाद शंकराचार्य से मिलने आए, क्या रणनीति बनाई है? जवाब : केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यूजीसी रेगुलेशन 2026 एक अत्यंत घृणित और कुत्सित मानसिकता का परिणाम है। इसके माध्यम से OBC और जनरल वर्ग को आपस में बांटने की एक खतरनाक परंपरा स्थापित करने की कोशिश की गई।
बजरंगबली का आशीर्वाद है कि देश की जनता ने सरकार की मंशा क्या है? इसको देख लिया। पहली बार ऐसा हुआ है कि भारत की आत्मा पर सीधा हमला किया गया है। इसका परिणाम यह हुआ कि सरकार का जो कोर वोटर था, वह भी अलग हो गया। आपने देखा होगा कि कटआउट, फोटो और बैनरों पर जूते-चप्पल मारे जा रहे हैं। ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ है।
सवाल : देश में इस समय 2 तरह की सरकारें हैं, कैसे देखते हैं? जवाब : आज देश में वास्तव में बीजेपी की सरकार नहीं है। केंद्र में एक तरह से ईस्ट इंडिया कंपनी की सरकार है। दो लोग बैठे हैं। एक खुद को प्रधानमंत्री के रूप में सीईओ समझते हैं (मोदी जी) और दूसरे एमडी बने हुए हैं (अमित शाह जी)।
इनका उद्देश्य सिर्फ राज्य सरकारों के बजट का एक हिस्सा निकालकर, ठेकेदारी सिस्टम के जरिए 20-30% लूट कर उस पैसे को गुजरात की कंपनियों में शिफ्ट करना है। यह पूरा मॉडल बिल्कुल ईस्ट इंडिया कंपनी की तर्ज पर चल रहा है।

थे। इसलिए बातचीत नहीं हो पाई। हम एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराए। हमने उनका आशीर्वाद लिया।
सवाल : जब इस्तीफा दिया तब भी शंकराचार्य जी से जुड़ा एक प्रसंग सामने आया था। क्या उस समय कोई चर्चा हुई थी?
जवाब – नहीं, उस समय कोई सीधी बातचीत नहीं हुई थी। लेकिन मैंने कुछ वीडियो देखे थे। जिसमें प्रशासन द्वारा जिस तरह से चोटी खींचने की घटना हुई थी। वह मुझे बेहद पीड़ादायक लगी। चोटी सनातन धर्म का प्रतीक है। उसी कारण मैंने अपने इस्तीफे में यह बिंदु स्पष्ट रूप से लिखा कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर का विषय है।