31 जनवरी को करणी सेना फिल्म फेस्टिवल:राजस्थानी फिल्मों और कलाकारों को मिलेगा नया मंच, बॉलीवुड के सितारे भी नजर आएंगे

जयपुर के जवाहर कला केंद्र में राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म फेस्टिवल के पोस्टर का विमोचन किया गया। आयोजकों ने बताया- फिल्म फेस्टिवल का आयोजन 31 जनवरी को मान पैलेस वैशालीनगर में किया जाएगा। इस फेस्टिवल का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत करेंगे।
कार्यक्रम में फिल्म, कला, संस्कृति, लोकनृत्य, लोकसंगीत एवं अन्य लोककलाओं से जुड़े कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने और कलाकारों को नई दिशा देने का कार्य करेगा। इसमें कई बॉलीवुड के सितारे भी नजर आएंगे।
पोस्टर लॉन्च कार्यक्रम में अनिरुद्ध आचार्य, राष्ट्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत, राष्ट्रीय सचिव कुलदीप सिंह भादवा, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष लक्ष्मी तंवर, राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र सिसोदिया, प्रियंका इवेंट्स से प्रियंका एवं नितिन दुबे सहित कई अतिथि उपस्थित रहे।

करणी सेना का उद्देश्य केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत ने कहा- करणी सेना का उद्देश्य केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि रंगमंच, लोकनृत्य, लोकसंगीत, चित्रकला, साहित्य और अन्य सांस्कृतिक विधाओं से जुड़े कलाकारों को भी सशक्त मंच प्रदान करना है। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
राजस्थानी फिल्मों के निर्माण को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दिलाने और फिल्म निर्माण से जुड़े संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र दोनों से सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए प्रोडक्शन हाउस और सांस्कृतिक संस्थानों को भी इस मुहिम से जोड़ा जाएगा।

स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देने की मांग
शेखावत ने कहा- राष्ट्रीय करणी सेना राजस्थान के कलाकारों को सामाजिक और मंचीय सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार से अपील की जाएगी कि क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों, फिल्मों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाए।
वक्ताओं ने बताया कि प्रदेशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से वर्ष में एक बार राष्ट्रीय स्तर का बड़ा आयोजन किया जाएगा। इससे कलाकारों को पहचान, सम्मान और आपसी संवाद के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकारों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर राज्य सरकार से संवाद किया जाएगा।



