मध्य प्रदेश

एसआईटी चलाएगी सर्च ऑपरेशन; बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 14 दिनों में हुई चार बाघों के मौत की जांच

कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, मध्य प्रदेश द्वारा बांधवगढ़ में बाघों की मौत की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। एसआईटी गठन के लिए जारी आदेश में कहा गया है कि लगभग दो माह के अंतराल में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न कारणों से बाघ, तेंदुआ जैसे वन्यजीवों की मृत्यु हुई हैं।

इन घटनाओं का प्रमुख कारण विद्युत करंट, स्नेयर ट्रैप, बिना मुंडेर के खुले कुओं में गिरना, बाड़े से लापता होना और बाद में उसका शव मिलना आदि शामिल हैं। यह स्थिति अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक है। प्रथमदृष्ट्या इन घटनाओं में संबंधित अधिकारी, कर्मचारियों की लापरवाही से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

पहले भी हुआ गठन

वर्ष 2024 में भी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की मृत्यु की घटनाओं के कारणों का पता लगाने के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। वर्तमान में गठित की जा रही एसआईटी पूर्व की एसआईटी की जांच रिपोर्ट का भी अध्ययन करेगी।

उसके द्वारा यह परीक्षण भी किया जाएगा कि पूर्व में चिह्नित कमियां/त्रुटियां कहीं पुनः दोहराई तो नहीं जा रही है। अतः विगत दो माह में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं आसपास के क्षेत्रों में हुई बाध/तेंदुओं की मौत से संबंधित सभी घटनाओं के वास्तविक कारणों की जांच विशेष जांच दल करेगा।

जांच दल बदलने की मांग

इस जांच दल में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स के प्रमुख, सीसीएफ वन वृत्त शहडोल, डीएफओ अनूपपुर और एक एडवोकेट मंजुला श्रीवास्तव को शामिल किया गया है। हालांकि जांच दल का अभी से विरोध भी होने लगा है। एक्टिविस्ट अजय दुबे ने गठित की गई एसआईटी में परिवर्तन की मांग की है। उनका कहना है कि टीम में शहडोल वन वृत्त के सीसीएफ को शामिल किया गया है जो अनुचित है। इससे जांच प्रभावित हो सकती है।

इस महीने हुई बड़ी घटनाएं

इसी महीने में सबसे पहले सात जनवरी को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र ताला, कथली बीट (आरएफ.331) में बठान इनक्लोजर से लापता हुए कांटीवाह बाघिन के शावक का शव मिला। हालांकि अभी पार्क प्रबंधन ने पुष्टि नहीं की है कि मरने वाला शावक वही है जो कैंप से भागा था। इसके बाद आठ जनवरी को धमोखर बफर क्षेत्र अंतर्गत रायपुर बीट की राजस्व ग्राम रायपुर के कुदरी टोला के कुएं में एक बाघ मृत अवस्था में पाया गया।

16 जनवरी को पिपरिया, धमोखर बफर के खेरवा हार में बाघ शावक का शव मिला था। इस शावक की करंट से मौत हुई थी। 20 जनवरी को राजस्व ग्राम गुरवाही में पांच वर्षीय बाघिन की मौत हुई, जिसे वन विभाग ने आपसी संघर्ष का परिणाम बताया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button