सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: कोबरा बटालियन ने 1 करोड़ के इनामी अनल समेत 12 माओवादियों को किया ढेर

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। इस कार्रवाई में एक करोड़ रुपये का इनामी कुख्यात माओवादी नेता अनल मारा गया है। अनल भाकपा (माओवादी) संगठन की सेंट्रल कमेटी का सदस्य था और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।
अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया
यह मुठभेड़ छोटानगरा थाना क्षेत्र में हुई। कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। सुरक्षाबलों द्वारा क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बताया गया है कि अनल के दस्ते की सीधी मुठभेड़ कोबरा-209 बटालियन से हुई, जिसमें कुल 12 माओवादी मारे गए हैं।
अनल कई नामों से जाना जाता था
अनल कई नामों से जाना जाता था। उसका असली नाम पतिराम मांझी था और वह तुफान, पतिराम मराण्डी और रमेश जैसे नामों से भी सक्रिय था। वह गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र के झरहाबाले गांव का निवासी था और लंबे समय से सारंडा व गिरिडीह के जंगलों में माओवादी गतिविधियों का संचालन कर रहा था। उसके खिलाफ हत्या, विस्फोट, हथियारों की लूट और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज थे।

सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक अनल कई बार पुलिस और सीआरपीएफ के अभियानों से बच निकलने में सफल रहा था। उसकी रणनीतिक क्षमता और सक्रिय भूमिका के कारण उसे सुरक्षा एजेंसियां बेहद खतरनाक मानती थीं। मुठभेड़ के बाद से पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, हालांकि मारे गए माओवादियों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सारंडा जंगल लंबे समय से माओवादी गतिविधियों का गढ़ रहा है। अनल के मारे जाने के बाद आसपास के गांवों में गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। इस कार्रवाई को माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका माना जा रहा है।
इससे पहले
इससे पहले भी झारखंड में एक करोड़ रुपये के इनामी कई शीर्ष माओवादी या तो गिरफ्तार किए गए या मुठभेड़ में मारे गए हैं। सरायकेला-खरसावां में पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस पकड़ा गया था। सेंट्रल कमेटी सदस्य सुधाकर झारखंड से फरार होकर तेलंगाना में सरेंडर कर चुका है। अप्रैल 2025 में प्रयाग मांझी उर्फ विवेक मुठभेड़ में मारा गया था, जबकि हजारीबाग में सेंट्रल कमेटी सदस्य अनुज उर्फ सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश उर्फ अमलेश को पिछले साल सितंबर में ढेर किया गया था। अब सारंडा में अनल के मारे जाने को इसी कड़ी की अहम कार्रवाई माना जा रहा है।



