झारखंड में दो दिनों तक ठंड से मिलेगी थोड़ी राहत:गढ़वा समेत 9 जिलों में सुबह छाएगा कोहरा, 4.4 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा गुमला

झारखंड में नए साल के शुरुआत में ठंड से थोड़ी राहत मिलने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है।
वहीं, इसके बाद अगले तीन दिनों में इसमें धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी जा सकती है। इसके बाद ठंड फिर से लोगों को परेशान कर सकती है। उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब क्षेत्र के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण वायुमंडल में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है।
इसका प्रभाव उत्तर भारत के बड़े हिस्से पर देखा जा रहा है। यही सिस्टम अप्रत्यक्ष रूप से झारखंड के मौसम को भी प्रभावित कर रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पछुआ हवा कमजोर पड़ गई है। इससे अत्यधिक ठंड का असर कुछ कम होगा। इधर, पिछले 24 घंटे में झारखंड का गुमला जिला सबसे ठंडा रिकॉर्ड किया गया। यहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा रहेगा
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को सुबह में कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा और बाद में आसमान मुख्यत साफ रहेगा। अगले 5 दिनों के दौरान अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहेगा और गुनगुनी धूप रहेगी।
हालांकि संथाल और कोल्हान के कुछ जिलों में सुबह के वक्त कुहासा रह सकता हैं पर धूप निकलने के बाद वह साफ हो जाएगा।
शुक्रवार को सुबह और शाम में गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां जिला में कोहरा छा सकता है।

जमशेदपुर में टूटा 6 सालों का रिकॉर्ड
इधर, इस दिसंबर शहर ने ठंड के ऐसे तेवर दिखाए हैं, जो बीते कई सालों में कभी नहीं देखे गए। रात और सुबह के अलावा दिन में भी ठंड से राहत नहीं मिली। लगातार छाए घने कोहरे के कारण दिन में भी ठिठुरन महसूस हो रही है।
बीते 6 साल में पहली बार ऐसा हुआ है, जब दिसंबर महीने में जमशेदपुर का अधिकतम तापमान एक भी दिन 30 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंचा।

सबसे अधिक अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रांची का
पिछले 24 घंटे में राज्य में मौसम शुष्क रहा। राज्य में कहीं-कहीं पर हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा देखा गया। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रांची में दर्ज किया गया।
राडार जंगल में, इसलिए तापमान कम
इधर, गुमला के कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक अटल तिवारी के अनुसार, गुमला में मौसम का राडार विशुनपुर स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र में लगा है, जो घने जंगल के बीच में है। इसलिए यहां का तापमान शहर से काफी कम होता है।
दिसंबर से उत्तर-पश्चिम से आने वाली बर्फीली हवा सीधे झारखंड के पश्चिमी जिलों गुमला और सिमडेगा से प्रवेश करती है। इसलिए गुमला का पारा अधिक गिर रहा है।



