गोरखपुर के कॉलेज में घुसकर 11वीं के छात्र की हत्या:SSP के पैरों में गिरी मां, रोते हुए बोली- जान के बदले जान चाहिए

गोरखपुर के कोऑपरेटिव इंटर कॉलेज में घुसकर 11वीं के छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। छात्र सुधीर दोपहर 1:30 बजे कॉलेज के मैदान में दोस्तों के साथ खड़ा था। इसी दौरान चार बदमाश पहुंचे। सुधीर को देखते ही उन्होंने फायरिंग कर दी।
एक गोली सुधीर के गले को चीरती हुई निकल गई। वह मौके पर ही गिर पड़ा। गोलियों की आवाज सुनकर कॉलेज के छात्र दौड़ पड़े। भीड़ देख आरोपी तमंचा लहराते हुए बाइक से भाग निकले। वारदात के बाद कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही घरवाले भी पहुंच गए। बेटे का शव देखकर मां बेसुध हो गई। गुस्साई भीड़ ने आरोपी छोटू के घर पर हमला कर दिया। उसकी मां और परिजनों को पकड़कर पीटा। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह उन्हें छुड़ाया।
फिलहाल, छात्र का शव छोटू के घर के बाहर रखकर भीड़ प्रदर्शन किया। करीब 2.30 घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस उन्हें समझा सकी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। इसी दौरान एक युवक गुस्से में पुलिस की गाड़ी के आगे लेट गया। स्थिति बिगड़ती देख SSP राजकरन नय्यर मौके पर पहुंचे। उन्हें देखते ही छात्र की मां उनके पैरों पर गिर पड़ीं। SSP ने उन्हें उठाया। मां रोते हुए बोलीं– जान के बदले जान चाहिए।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। 17 साल का सुधीर भारती पिपराइच के गढ़वा गांव का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले उसका गांव के ही लड़के छोटू से झगड़ा हुआ था। बदला लेने के लिए छोटू ने ही वारदात को अंजाम दिया।
छात्र की हत्या से जुड़ी तस्वीरें देखिए


10.30 बजे पहला विवाद, फिर 1.30 बजे मर्डर पुलिस ने जब छात्रों और गांव के लोगों से पूछताछ की। तब सामने आया मर्डर का घटनाक्रम 10.30 बजे से शुरू हो गया था। सुधीर भारती और आरोपी छात्र स्कूल के खेल के मैदान में इकट्ठा थे। उनके बीच कुछ विवाद हुआ, ये मामला मोबाइल के स्टेट्स को लेकर था। स्टेट्स पर क्या लिखा गया था, ये क्लियर नहीं हुआ है।
इसके बाद गांव के कुछ लोगों ने बीच बचाव करके मामले को शांत कर दिया। मगर फिर 1.30 बजे एक बार फिर आरोपी छात्र स्कूल कैंपस में इकट्ठा हुए और उन्होंने सुधीर पर हमला कर दिया। हमला करने के बाद आरोपी भाग निकले।

छात्र सुधीर की मां राजकुमारी ने बताया-
गांव के छोटू से 2-3 दिन पहले कहासुनी हुई थी। तब बेटे को डांटकर घर ले आई थी। छोटू के पिता का आपराधिक इतिहास रहा है। वे लोग झगड़ालू किस्म में लोग हैं। मैंने बेटे को समझाया था कि उन लोगों से बात मत किया करो। इसके बाद मेरा बेटा बात मानकर घर में चला गया था। लेकिन इसके बाद भी आरोपियों ने मेरे बेटे को मार डाला।
