मायावती के घर बेटी पैदा हुई, आकाश आनंद पिता बने:बोलीं- भतीजे ने कहा है इसे आप जैसी बनाऊंगा

बसपा सुप्रीमो मायावती बुआ दादी बन गई हैं। उनके भतीजे आकाश आनंद की पत्नी प्रज्ञा ने बेटी को जन्म दिया है। मायावती ने सोशल मीडिया पर ये खुशखबरी साझा की। उन्होंने लिखा- मां और बेटी दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
पूर्व सीएम ने ‘X’ पर कहा, ‘बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश को बेटी के रूप में परिवार में नई सदस्य की प्राप्ति पर खुशी की लहर है। इससे भी ज्यादा खुशी की बात यह है कि आकाश ने अपनी बेटी को मेरी तरह ही बनाने की इच्छा जताई है। वो उसे बहुजन समाज के मिशन के प्रति समर्पित करने के लिए तैयार करना चाहते हैं। इसका भरपूर स्वागत है।’
आकाश मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं। आकाश को बसपा का उत्तराधिकारी घोषित किया गया है। वो लगातार पार्टी के विस्तार के लिए काम कर रहे हैं।


2023 में आकाश आनंद और प्रज्ञा की शादी हुई थी आकाश ने लंदन से MBA किया है। इस दौरान उनकी मुलाकात बसपा नेता अशोक सिद्धार्थ की बेटी डॉ. प्रज्ञा से हुई। प्रज्ञा ने लंदन से MBBS किया है। वो फर्रुखाबाद के कायमगंज की रहने वाली हैं। 2023 में दोनों ने शादी की। प्रज्ञा पेशे से MBBS डॉक्टर थीं, लेकिन बाद में उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था।
प्रज्ञा के पिता अशोक कन्नौज के गुरुसहायगंज में CHC पर नेत्र परीक्षण अधिकारी के पद पर तैनात थे। 2008 में उन्होंने नौकरी से VRS ले लिया था। फिर बसपा के साथ सक्रिय तौर पर जुड़ गए। बसपा की सरकार बनी तो मायावती ने उन्हें बैकवर्ड कमीशन का सदस्य बनाया गया था। 2009 में MLC बने। फिर 2016 से 2022 तक राज्यसभा सदस्य रहे।
अप्रैल 2025 के बाद से आकाश की बदली किस्मत
- 10 दिसंबर, 2023 को यूपी-उत्तराखंड के नेताओं की बैठक में मायावती ने अपने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश को उत्तराधिकारी घोषित किया था।
- 7 मई, 2024 को गलतबयानी की वजह से सभी जिम्मेदारियां छीन लीं। आकाश को अपने उत्तराधिकारी पद के साथ ही नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से भी हटा दिया।
- 23 जून, 2024 को फिर से उत्तराधिकारी बनाया और नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी सौंप दी।
- 2 मार्च 2025 को फिर सारी जिम्मेदारियां छीन लीं। कहा था- वे उनके उत्तराधिकारी नहीं हैं। उन्होंने कहा था, ‘मेरे जीते-जी और आखिरी सांस तक पार्टी में मेरा कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा।
- 3 मार्च 2025 को पार्टी से ही बाहर कर दिया गया। कहा था-‘आकाश को पश्चाताप करके अपनी परिपक्वता दिखानी थी। लेकिन, आकाश ने जो प्रतिक्रिया दी, वह राजनीतिक मैच्योरिटी नहीं है। वो अपने ससुर के प्रभाव में स्वार्थी, अहंकारी हो गया है।
- 13 अप्रैल को आकाश को माफ कर दिया था। कहा था- आकाश को उत्तराधिकारी नहीं बनाऊंगी। उनके ससुर की गलतियां माफी लायक नहीं है।
- 18 मई आकाश को फिर से बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें चीफ नेशनल को-ऑर्डिनेटर बना दिया।
- 29 अगस्त को मायावती ने आकाश को राष्ट्रीय संयोजक बनाया। यह मायावती के बाद पार्टी का दूसरे नंबर का सबसे शक्तिशाली पद है।
- 6 सितंबर को मायावती ने आकाश के ससुर अशोक को भी पार्टी में वापस ले लिया।
- 14 सितंबर को अशोक को नेशनल कोआर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी।
- 25 दिसंबर 2025 को आकाश पहली संतान के तौर पर बेटी के पिता बने।