उत्तर प्रदेश

यूपी में पिज्जा-बर्गर खाने से 11वीं की छात्रा की मौत:AIIMS के डॉक्टर बोले-आंतें खराब हो गईं, ऑपरेशन के बाद भी बच नहीं पाई

अमरोहा में 11वीं की छात्रा की फास्टफूड खाने की वजह से मौत हो गई। दिल्ली AIIMS में उसका इलाज चल रहा था। डॉक्टर ने बताया कि ज्यादा फास्टफूड खाने की वजह से लड़की की आंतें आपस में चिपक गई थीं। पाचन तंत्र पूरी तरह से डैमेज हो गया था।

उसका ऑपरेशन भी किया गया, लेकिन बच नहीं पाई। घरवालों का कहना है कि अहाना बचपन से ही घर के खाने की जगह चाऊमीन, पिज्जा और बर्गर ही खाती थी। वही उसके मौत की वजह बन गई। मामला अफगानान मोहल्ले का है। पढ़िए डरा देने वाला यह वाकया, जो किसी भी बच्चे या नौजवानों के साथ हो सकता है..

तस्वीर अमरोहा के अहाना की है, जिसकी मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादा फास्टफूड खाने से उसकी आंतें खराब हो गई थीं।

अफगानान मोहल्ले में मंसूर अली खान का परिवार रहता है। घर में पत्नी सारा खान, दो बेटियां मारिया (23) और अहाना (16) और एक बेटा आवान थे। मंसूर अली खेती-किसानी करते हैं। अहाना हाशमी गर्ल्स इंटर कॉलेज में 11वीं कक्षा की छात्रा थी।

28 नवंबर को अचानक अहाना की तबीयत बिगड़ गई। उसके पेट में तेज दर्द होने लगा। घरवाले तुरंत अस्पताल लेकर भागे। अमरोहा में इलाज से आराम नहीं मिलने पर घरवाले अहाना को मुरादाबाद ले गए। जांच में पता चला कि उसकी आंतें खराब हैं। पेट में पानी हो गया है।

इसके बाद मुरादाबाद में सर्जन डॉ. रियाज ने उसका ऑपरेशन किया। उसके पेट से 7 लीटर तक पानी निकाला। हालत थोड़ी ठीक होने पर अहाना के ताऊ साजिद खान उसे दिल्ली लेकर चले गए।

28 नवंबर को अहाना की तबीयत बिगड़ गई थी, इसके बाद मुरादाबाद में उसका ऑपरेशन किया गया था।

दिल्ली एम्स में चल रहा था इलाज दिल्ली में एक दिन अचानक फिर से अहाना के पेट में दर्द होने लगा। ताऊ साजिद खान ने अहाना दिल्ली AIIMS में दिखाया। वहां डॉक्टर ने जांच कराई, तो पता चला कि अहाना की आंतें चिपक गई हैं। AIIMS में ही अहाना का इलाज चलने लगा। लेकिन, लगातार उसकी हालत बिगड़ती चली गई।

21 दिसंबर (रविवार) की देर रात अचानक अहाना की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई। डॉक्टरों ने काफी कोशिश की, लेकिन हार्ट फेल होने की वजह से उसकी मौत हो गई। अहाना की मौत के बाद उसके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

छात्रा के मामा गुलजार खान उर्फ गुड्डू ने बताया कि डॉक्टरों ने साफ कहा कि फास्टफूड के कारण आंतें खराब हो गई थीं। इससे अहाना का शरीर बहुत ज्यादा कमजोर हो गया था। इसी वजह से उसकी जान गई है।

अमरोहा के सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया- बच्चों को फास्टफूड से दूर रखना चाहिए, क्योंकि इसमें मसाले और फैट ज्यादा होते हैं। कोल्डड्रिंक, चिप्स, फ्रेंच फ्राइज वगैरह कार्बोहाइड्रेट से भरे होते हैं। इन चीजों को लगातार खाने से भूख मरती है। इससे बच्चों को दिक्कत होती है। इसलिए पेरेंट्स से अपील है कि बच्चों को इन चीजों से दूर रखें।

साजिद खान बोले- हमारी लगती है, हमने ध्यान नहीं दिया अहाना के ताऊ साजिद खान ने बताया कि अहाना हमारे छोटे भाई मंसूर की बेटी थी। हम लोग संयुक्त परिवार में रहते हैं। अहाना को बचपन से फास्टफूड खाने का शौक था। वह चाऊमीन, मैगी, पिज्जा और बर्गर जैसे फास्टफूड ज्यादा खाती थी।

दुकान पर मिलने वाले पैकेट की चीजें भी परिवार से छिप-छिपकर खाती थी। हमारी भी थोड़ी-सी लापरवाही है कि हम उस पर ध्यान नहीं दे सके। वह कहीं शादी-पार्टी में जाती तो खाना ना खाकर बस मैगी, बर्गर, पिज्जा ही खाती थी।

फास्टफूड से दुनिया में हर साल 1.1 करोड़ मौतें

ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज रिपोर्ट के मुताबिक, फास्टफूड खाने से हर साल 1.1 करोड़ मौतें होती हैं। वहीं, स्मोकिंग से हर साल 80 लाख लोग मरते हैं। यानी फास्टफूड स्मोकिंग से भी ज्यादा खतरनाक हैं। आइए समझते हैं कि ये हमें कैसे बीमार बना रहा।

ये न सिर्फ जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं, बल्कि समय से पहले मौत का कारण भी बनते हैं। मेडिकल जर्नल जामा नेटवर्क में छपी एक रिसर्च में देखा गया कि फास्टफूड खाने वाले लोगों में हार्ट डिजीज और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

बढ़ाता है शुगर लेवल कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, फ्रेंच फ्राइज वगैरह कार्बोहाइड्रेट से भरे होते हैं। इतना हाई कार्बोहाइड्रेट शरीर के शुगर लेवल को अचानक बढ़ाने के लिए काफी होता है। अमेरिकन जर्नल ऑफ लाइफस्टाइल मेडिसिन में छपी एक रिसर्च में ये भी देखा गया कि फास्ट फूड इंसुलिन लेवल को भी अचानक बढ़ा सकता है, जिसकी वजह से शुगर लेवल गिर जाता है।

मेमोरी और लर्निंग पर भी असर फास्ट फूड सिर्फ हमारे दिल के लिए खतरनाक नहीं है। ये हमारे दिमाग को भी नुकसान पहुंचा सकता है। फ्रंटियर साइकोलॉजी में छपी एक रिसर्च में देखा गया कि फास्ट फूड में मौजूद ट्रांस फैट और शुगर हमारी मेमोरी और सीखने की क्षमता पर भी असर डालते हैं। और तो और, भवि ष्य में डिमेंशिया जैसी भूलने की बीमारियों का खतरा भी बढ़ा सकते हैं।

पाचन में गड़बड़ियां पाचन दुरुस्त रखने के लिए फाइबर बहुत जरूरी है। ये शरीर में पानी की कमी से भी बचाता है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर रखता है। लेकिन फास्ट फूड में फाइबर की मात्रा शून्य होती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में छपी एक रिसर्च में देखा गया कि फास्ट फूड शरीर के लिए न्यूट्रीशन को अब्सॉर्ब करना मुश्किल बनाते हैं और गट बैक्टीरिया पर भी असर डालते हैं।

 

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