डॉक्टर के बेटे की 2 कंपाउंडर्स ने की हत्या:बदायूं में पेट में कैंची घोंपी, एनेस्थिसिया लगाया; मां का अश्लील वीडियो दिखाता था

बदायूं में दो कंपाउंडर्स ने मिलकर बंगाली डॉक्टर के बेटे की हत्या कर दी। सोते समय उसे बेरहमी से मार डाला। पहले हाथ-पैर और पेट में कैंची से कई बार हमले किए। फिर उसे एनेस्थीसिया का इंजेक्शन दिया।हाथ-पैर में ईंट बांधकर डॉक्टर के घर के पीछे तालाब में फेंक दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक के पास हत्यारोपी एक कंपाउंडर की मां का अश्लील वीडियो था। वह उस वीडियो को दिखाकर कंपाउंडर को चिढ़ाता था। डॉक्टर के बेटे की हरकत से तंग आकर उसने साथी कंपाउंडर के साथ उसे मौत के घाट उतार दिया। दूसरे कंपाउंडर को चोरी के आरोप में डॉक्टर ने कुछ दिन पहले ही भगाया था।
वारदात बदायूं जिले के बेहटा कस्बे की 19 दिसंबर की रात की है। डॉक्टर अपने परिवार के साथ पश्चिम बंगाल गया था और उसका बेटा घर पर अकेला ही था। 22 दिसंबर को तालाब के पीछे बेटे का शव उतराता मिला। पुलिस ने शक के आधार पर दोनों कंपाउंडर्स को अरेस्ट किया तो हत्या पर से पर्दा उठता चला गया।

अब पढ़िए सिलसिलेवार पूरा मामला…
फैजगंज बेहटा कस्बे के वार्ड संख्या 6 में आरके विश्वास का दवाखाना है। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के रहने वाले हैं। करीब 40 साल पहले बदायूं आकर बस गए थे। डॉक्टर की पत्नी उनके साथ नहीं रहती है।
डॉक्टर के तीन बेटे हैं। प्रिंस, प्रतीश उर्फ पिंटू (31) और सिंटू। सिंटू अपने परिवार के साथ दिल्ली में रह रहा है। वह भी बंगाली डॉक्टर है। प्रिंस और पिंटू, पिता के साथ ही बदायूं में रहते थे। पिंटू की पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी।

पिता ने बेटे का शव देखा
20 दिसंबर को पिंटू का परिवार पश्चिम बंगाल से बदायूं लौटा। उन्हें पिंटू नहीं मिला। परिवार ने उसकी हर जगह तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। इस पुलिस में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। 22 दिसंबर को पिंटू का शव उसके घर के पीछे बने तालाब में उतरा रहा था। डॉ. विश्वास ने छत से तालाब में झांका तो बेटे का शव दिखाई दी।
आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तालाब से शव को बाहर निकाला। शव के हाथ-पैर और पेट में ईंटें बंधी थीं, जबकि पेट पर बजरी की बोरी भी बांधी गई थी, ताकि शव पानी में नीचे ही रहे और ऊपर न आ सके।

अब पढ़िए क्यों हुआ मर्डर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या के आरोप में क्लिनिक पर काम करने वाले दो कंपाउंडरों को हिरासत में लिया गया है। ये दोनों भी पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के रहने वाले हैं। दोनों दवाखाने में काम करते थे। पास में ही रहते थे। एक कंपाउंडर की मां की आपत्तिजनक वीडियो क्लिप पिंटू के मोबाइल में थी। पिंटू उस क्लिप को दिखाकर कंपाउंडर का मजाक उड़ता और वायरल करने की धमकी देता।
दूसरा कंपाउंडर करीब छह महीने पहले चोरी के आरोप में पिटाई के बाद नौकरी से निकाल दिया गया था। इन दोनों कारणों से दोनों आरोपी पिंटू से बदला लेना चाहते थे।
करीब 10 दिन पहले डॉ. आरके विश्वास अपने बड़े बेटे के साथ बंगाल स्थित पैतृक घर गए थे। घर में पिंटू अकेला था। इसी का फायदा उठाकर 19 दिसंबर की रात दोनों आरोपी उसके घर पहुंचे और बेरहमी से कत्ल कर दी।
एसएसपी बोले, पूछताछ जारी
एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने बताया कि युवक की हत्या क्लिनिक पर काम करने वाले दो कंपाउंडरों ने की है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। अब तक की जांच में सामने आया है कि एक आरोपी की मां की आपत्तिजनक क्लिप और दूसरे को नौकरी से निकाले जाने की रंजिश हत्या की मुख्य वजह बनी।