यूपी में डकैत जुबैर के बाद सिराज को मार गिराया:वकील की सरेराह हत्या की, मुख्तार गैंग का मेंबर था, 2 घंटे में दो एनकाउंटर

यूपी में रविवार सुबह 2 घंटे के अंदर दो बदमाश एनकाउंटर में ढेर हो गए। पहला एनकाउंटर सुबह 3 बजे बुलंदशहर में हुआ। यहां पुलिस ने 50 हजार के इनामी डकैत जुबैर उर्फ पीटर को एनकाउंटर में गोली मारकर ढेर कर दिया।
पुलिस ने 15 किलोमीटर तक बदमाश का पीछा किया और फिर मार गिराया। पति के एनकाउंटर की खबर मिलते ही पत्नी बानो जिला अस्पताल पहुंच गई। शव को देखते ही फूट-फूटकर रोने लगी। कहती रही- ये क्या हो गया। अब मैं कैसे जिउंगी। मेरे बच्चों का क्या होगा?
दूसरा एनकाउंटर बुलंदशहर से 200 किमी दूर सहारनपुर में सुबह 5 बजे हुआ। यहां STF ने हिस्ट्रीशीटर सिराज को मार गिराया। उस पर एक लाख का इनाम था। सिराज ने सुल्तानपुर में सरेराह वकील की गोली मारकर हत्या की थी। सिराज माफिया मुख्तार अंसारी के डी-68 गैंग का मेंबर था। 9 महीने पहले उसकी 4.66 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हुई थी।
प्रदेश में 85 दिनों में 14वां बदमाश एनकाउंटर में ढेर हुआ है।
पहले सहारनपुर एनकाउंटर के बारे में पढ़िए…
यूपी STF को सूचना मिली थी कि सहारनपुर के गंगोह में सिराज किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही STF ने इलाके में घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में STF की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिराज सुल्तानपुर का रहने वाला था। उस पर हत्या, लूट, डकैती समेत 30 मुकदमे दर्ज थे।
एनकाउंटर स्पॉट की 2 तस्वीरें-


सुल्तानपुर में वकील को गोली मारकर हत्या की थी 8 अगस्त 2023 की शाम सुल्तानपुर दीवानी न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले वकील आजाद अहमद की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे जिले में हड़कंप मच गया था। पुलिस जांच में इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी सिराज अहमद सामने आया था।
घटना के बाद से वह फरार हो गया था और लगातार ठिकाने बदल रहा था। इसके बाद पुलिस ने सिराज अहमद पर 1 लाख रुपए का इनाम घोषित किया। उसकी गिरफ्तारी के लिए यूपी STF को लगाया गया था। कई जिलों में लगातार दबिश के बावजूद सिराज पुलिस की पकड़ से बाहर था।
अब बुलंदशहर एनकाउंटर के बारे में पढ़िए…
- बुलंदशहर पुलिस को शनिवार रात इनपुट मिला था कि 35 साल का जुबैर अपने साथी के साथ किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसके बाद पुलिस ने स्याना रोड पर जसनावली के पास गाड़ी चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक बाइक पर जुबैर अपने साथी के साथ आता हुआ दिखाई दिया।
- पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन वह नहीं रुका। पुलिस ने उनका पीछा किया तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और मेरठ की तरफ भागने लगे। पुलिस बदमाशों का पीछा करती रही और कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजा कि बदमाश भाग रहे हैं।
- टीम सैल्टन बंबा रोड पर पहुंची, जहां थाना गुलावठी की पुलिस ने बदमाशों को आगे से घेर लिया। पीछे से पीछा कर रही टीम भी पहुंच गई। दोनों तरफ से घेरने के बाद सरेंडर करने को कहा गया, लेकिन बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसमें एक पुलिसवाले के हाथ में गोली लग गई।
- पुलिस की जवाबी फायरिंग में जुबैर को गोली लग गई, जिससे वह घायल होकर वहीं गिर गया, जबकि दूसरा बदमाश कोहरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। जुबैर और पुलिसकर्मी को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां जुबैर को मृत घोषित कर दिया गया।
2 महीने पहले जुबैर पर 50 हजार का इनाम घोषित हुआ था SSP दिनेश सिंह ने बताया कि जुबैर ने अपने साथियों के साथ मिलकर 2 नवंबर को थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में एक व्यक्ति से मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और नकदी की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इसी साल 7 अक्टूबर को जुबैर ने गुलावठी के बकरा फार्म से 18 बकरे चोरी किए थे। इसके बाद डीआईजी मेरठ ने उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
जुबैर पर बिजनौर, मेरठ, मोदीनगर, गाजियाबाद, हापुड़, आंबेडकरनगर, जौनपुर, दिल्ली और उत्तराखंड के कई थानों में 60 मुकदमे दर्ज थे। इनमें लूट, डकैती, चोरी और गैंगस्टर एक्ट के मामले शामिल हैं। उसके पास से पिस्टल, जिंदा और खाली कारतूस, 6 मोबाइल और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद हुई।
ससुर के घर रहता था, 1 साल से फरार था पीटर मूल रूप से मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र के गोलाबाढ़ का रहने वाला था। पीटर के 6 बच्चे हैं। दो बेटे और चार बेटियां। उसके पांच भाई थे, जिनमें से एक की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। पीटर की 20 साल पहले उमर गार्डन के रहने वाले इमरान की बेटी बानो से शादी हुई थी।
पीटर ने 2006 में पहला क्राइम किया। इसके बाद एक के बाद एक अपराध करता चला गया। 9 साल पहले वह गोलाबाढ़ छोड़कर मदीना कॉलोनी में रहने लगा था। वहां पीटर ने अपना मकान खरीद लिया था, लेकिन लगातार अपराध करने के चलते उसका मकान बिक गया।
इसके बाद वह अपने ससुर इमरान के घर पर रहने लगा था। पुलिस ने उसके ससुर के घर पर भी छापेमारी की थी। इसके बाद इमरान ने पीटर की बेदखली के कागजात बनवा लिए थे। वह एक साल से फरार था।