मां ने पैर पकड़े, पिता ने दुपट्टे से गला कसा:आगरा में रिटायर्ड दरोगा का कबूलनामा, बोले- मार डाला क्योंकि बेटी का भतीजे से अफेयर था

बेटी को हमने समझाने की कोशिश की थी, रिश्ते के भतीजे से शादी मत करो लेकिन वो नहीं मान रही थी। इससे हमारी बहुत बेइज्जती होती। 24 अक्टूबर को विवाद हुआ। बेटी ने कहा- मार डालो। हम सब गुस्से में थे। पत्नी ने बेटी का पैर पकड़ा और मैंने दुपट्टे से उसका गला कस दिया।
फिर बेटे को फोन किया कि हमने अपना काम कर दिया है। वह आया और कार से डेडबॉडी को मामा के घर ले गया। मामा की मदद से शव को यमुना किनारे ठिकाने लगा दिया। बेटी की चीख सुनकर छोटा बेटा कमरे में आया था, लेकिन उसे हमने चुप करा दिया।
यह रिटायर्ड दरोगा पिता का कबूलनामा है। पिता पर बेटी की हत्या का आरोप है। रविवार को पुलिस ने एक युवती की डेडबॉडी के अवशेष बरामद किए थे। ऑनर किलिंग के इस मामले में अगले दिन पिता, भाई और मामा को अरेस्ट किया था। जबकि मां और मामी फरार हैं। 25 अक्टूबर को युवती की हत्या की गई थी। लेकिन खुलासा 15 दिसंबर को हो सका।

अब पढ़िए पूरा मामला
आगरा के थाना मलपुरा के विनायक गार्डन में रिटायर्ड दरोगा रणवीर सिंह (65) अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनका पैतृक गांव फिरोजाबाद जिले के जसराना के गांव अवासी में है। उनके 5 बच्चे थे। 3 बेटी और दो बेटे हैं।
दूसरी नंबर की बेटी अंशु यादव (35) का अपने ही गांव नगला अवासी फिरोजाबाद के रहने वाले रिश्ते के भतीजे अनुराग से अफेयर था। दोनों के एक साथ पढ़ते थे और शादी करने वाले थे। डीएलएड के बाद युवती टीचर भर्ती की तैयारी कर रही थी।
प्रेमी अनुराग ने बताया- मां मेरा रिश्ता लेकर अनुराग के घर भी गई थी। वहां अंशु की मां ने सहमति जताई थी। उन्होंने मुझसे भी कसम ली थी कि दोनों कोई ऐसा कदम नहीं उठाएंगे कि समाज में बदनामी हो। वो सही समय पर दोनों की शादी कर देंगे। मैंने भी कसम दी थी। इसके बाद हम दोनों का मिलना-जुलना और बातचीत होती थी।

कुछ महीने बाद बदल गए घरवाले
अनुराग ने बताया- कुछ समय पहले अंशु के घरवालों के तेवर बदल गए। उससे बात नहीं करने देते थे। मारपीट करते थे। 24 अक्टूबर को अंशु ने मेरे मोबाइल पर एक वीडियो भेजा।
इसके बाद 25 अक्टूबर की सुबह अंशु ने अपनी मां के मोबाइल से मुझे कॉल किया। उसने कहा- ये लोग मुझे मार रहे हैं। मुझे बचा सकते हो तो बचा लो। इसके बाद उसका फोन कट गया।
अनुराग ने थोड़ी देर बाद कॉल बैक किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। उसकी बुआ से बात करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। मुझे अनहोनी की आशंका हुई।
मैंने अंशु की छोटी बहन का नंबर लेकर उससे बात की। कहा कि अंशु से बात कराओ लेकिन उसने नहीं कराई। इसके बाद अंशु के घरवाले 29 अक्टूबर को गांव में आकर मेरे घर पर बदतमीजी करके गए। मैंने अनहोनी की आशंका में जसराना थाने में तहरीर दी।
मौत से पहले युवती ने अनुराग को भेजा वीडियो
दरअसल, हत्या से पहले युवती ने 29 सेकेंड का वीडियो अपने बॉयफ्रेंड अनुराग के मोबाइल पर भेजा। उसमें वह कह रही है- मेरा नाम अंशु यादव है। मैं अनुराग से प्यार करती हूं। मेरे घरवाले मान नहीं रहे हैं। मैं शादी करना चाहती हूं। परिवार वाले मुझे मारना चाहते हैं। उसमें मेरा बड़ा भाई गौरव, मम्मी, पापा, छोटी बहन, गांव का रामनरेश मिले हुए हैं। यह कहते हैं कि पहले लड़की को मत मारो, पहले लड़के को मारो, नहीं तो वो जेल करा देगा। इसमें बुआ और फूफा भी शामिल हैं। उनका नाम मुरारीलाल और वीना है। मैं अनुराग से शादी करना चाहती हूं…।

बेटी को पेश नहीं कर सके अनुराग ने बताया- जसराना थाने में FIR दर्ज होने के बाद SI ने मृतका के पिता को फोन कर बेटी से बात कराने को कहा तो इन्होंने कह दिया कि बेटी सुरक्षित है। अभी मामा के घर गई है। तीन-चार दिन में आएगी। मगर, इसके बाद भी बात नहीं कराई गई। पुलिस को लगातार गुमराह करते रहे।
मैं आगरा के मलपुरा थाने गया तो पता चला 30 नवंबर को आरोपियों ने बेटी की गुमशुदगी दर्ज करा दी है। इसके पिता ने लिखा- बेटी शाम को बिना बताए घर से निकल गई। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और उसके पोस्टर भी चस्पा कर दिए। पुलिस भी उनकी बातों में आ गई।
हाईकोर्ट में डाली हेवियस कॉर्प्स अनुराग ने कहा- जब मुझे पुलिस से मदद नहीं मिली तो मैंने कोर्ट की मदद ली। हाईकोर्ट में हेवियस कॉपर्स दाखिल की। इसमें थाना मलपुरा पुलिस को युवती को अदालत में पेश करने का आदेश हुआ। इसके बाद पुलिस एक्टिव हुई।

कोर्ट के आदेश पर सक्रिय हुई डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा ने बताया- युवती के वीडियो के आधार पर परिजनों पर शक गहराया। मृतका के माता-पिता और भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। माता-पिता गुमराह करते रहे। मगर, भाई टूट गया। उसने बताया कि 25 अक्टूबर को बहन की हत्या कर दी है। उसकी लाश को इटावा में नदी किनारे ठिकाने लगाया गया है।
बेटी की हत्या के बाद आरोपी पिता ने टूंडला में रहने वाले अपने बेटे गौरव को फोन कर जानकारी दी थी। उसने लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसे बुलाया था। भाई गौरव आगरा आया। शव को कार में रखकर वह मामा के घर ले गया। वहां पर मामा की मदद से शव को यमुना किनारे ठिकाने लगाया।
भाई गौरव सीसीटीवी रिकॉर्ड देखता रहा हत्या के बाद मृतका का भाई मोहल्ले में लगे सीसीटीवी के बारे में जानकारी जुटाने लगा। उसने पड़ोस में लगे सीसीटीवी की फुटेज के बारे में पता किया कि डेटा कितने दिन स्टोर रहता है, ताकि थाने में अगर FIR दर्ज कराएं तो सबूत न मिल सके।
पुलिस ने रविवार को शव के अवशेष बरामद किए
पुलिस ने रविवार को इटावा के ग्वालियर बाईपास स्थित गांव सुनवारा के पास यमुना किनारे से शव के अवशेष बरामद किए। शव का शिनाख्त कराया गया। पहचान लापता युवती अंशु के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। परिजन से पूछताछ में सारे तथ्य सामने आ गए।
इसके बाद पिता रणवीर सिंह, भाई गौरव यादव और जसवंत नगर के रहने वाले मामा सतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। रणवीर की पत्नी सुधा और सतीश की पत्नी किरन फरार हैं। पुलिस ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।



