युवा-संसद में छात्रा बोलीं-हमारा एजुकेशन-सिस्टम स्टूडेंट का मर्डर कर रहा:छात्रा का सवाल-सिलेबस में चिंकी-मिंकी कहानी आ सकते हैं तो तनाव प्रबंधन क्यों नहीं?

राजस्थान विधानसभा में चल रही युवा संसद में कोचिंग छात्रों की आत्महत्याओं का मुद्दा उठा। छात्रा फाल्गुनी यादव ने कहा- हमारे किशोर महाभारत के अभिमन्यु की तरह चक्रव्यूह में फंसे हैं। वे तनाव, डिप्रेशन से घिरे हैं, जिसके कारण भविष्य का निर्णय नहीं कर पा रहे हैं। हमारा एजुकेशन सिस्टम स्टूडेंट का मर्डर कर रहा है।
छात्र तपिश वैष्णव ने कहा- राजस्थान के कोचिंग सेंटर आत्महत्या फैक्ट्री के नाम से बदनाम होते ही जा रहे हैं। खुशी राजपुरोहित ने कहा- आज हमारे युवाओं की हालत यह है कि दो का पहाड़ा भले याद नहीं हो लेकिन फोन के पासवर्ड जरूर याद हैं। हमारे सिलेबस में चिंकी मिंकी की कहानी आ सकती है तो क्या तनाव प्रबंधन के उपाय भी आ सकते हैं।
छात्रा प्रतीक्षा भंडारी ने कहा- योजनाएं आसमान में उड़ती रहती हैं और युवा जमीन पर खोजता रह जाता है। जब साबुन का विज्ञापन अखबार में सप्ताह में चार बार आ सकता है तो करियर या शिक्षा से जुड़ी जानकारी क्यों नहीं दी जा सकती?




