उत्तर प्रदेश

योगी बोले- तोड़ने वाले दुशासनों को घुसने मत देना:विदेश में होटल और द्वीप खरीदे, देश को कंगाल करने का षड्यंत्र किया

‘जब समाज एक होगा, तब देश का कल्याण होगा। तोड़ने की बहुत कोशिश हुई। जितने भी तोड़क तत्व हैं, ये जब सत्ता में आते हैं तो केवल अपने परिवार के बारे में सोचते हैं। ऐसे तत्व विदेशों में संपत्ति बनाते हैं। कोई होटल तो कोई द्वीप खरीदता है।

भारत को कंगाल करने का षड्यंत्र करते हैं। ये लोग वही पाप करते हैं जो कभी जयचंद ने किया था। एक लॉलीपॉप से समाज और देश का कल्याण नहीं होने वाला है। अनुशासन के बगैर जीवन में दुशासन घुस जाता है। अपने जीवन में दुशासन नहीं घुसने देना है।’

सीएम योगी ने ये बातें गोरखपुर में कहीं। योगी दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार सुबह गोरखपुर पहुंचे। उन्होंने सैनिक स्कूल में देश के पहले CDS बिपिन रावत की स्मृति में बने ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया। उनकी प्रतिमा का भी अनावरण किया। शाम को राजकीय ITI का लोकार्पण भी करेंगे।

योगी के साथ मंच पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह भी मौजूद रहे।

सीएम की 2 बड़ी बातें पढ़िए—

1- युद्धभूमि में बलिदान हो जाओगे तो स्वर्ग का उपभोग करोगे

अगर युद्धभूमि में बलिदान हो जाओगे तो स्वर्ग का उपभोग करोगे। जीतोगे तो धरती का राज करोगे। जनरल रावत ये बात कहते थे। यह बात एक सैनिक के साथ-साथ हर नागरिक पर लागू होती है। सच्चा भारतीय चाहता है कि देश आत्मनिर्भर, विकसित और सुरक्षित हो। अगर इस संकल्पना को पूरा करना होगा तो पंच प्रण का पालन करना होगा।

आजादी के बाद देश में अधिकारों के संरक्षण की बात की गई। मैंने एक बार जनरल रावत से पूछा कि आपने देश के अंदर सेना का मोर्चा विपरीत परिस्थितियों में उन क्षेत्रों में भी लिया है, जहां माइनस 20, माइनस 40 तापमान होता है। यह कैसे संभव होता है? उन्होंने कहा कि काम करते रहो, फल की चिंता मत करो। गड्ढा खोदते हैं, फिर पाटते हैं, जिससे खून जमने न पाए।

2- विदेशी आक्रांता हमारे लिए महान नहीं हो सकता

योगी ने कहा- हमारी मांगे पूरी हों, चाहे जो मजबूरी हो, यह हमारा नारा नहीं हो सकता। यह ट्रेड यूनियन जिस देश में विकसित हुई थी, उसने उसे नष्ट कर दिया था। गोरखपुर का फर्टिलाइजर कारखाना भी इसी कारण बंद हुआ था। मैंने इसे दोबारा शुरू करने के लिए 1996 से 2016 तक संघर्ष किया। सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ी। आज तीन गुनी क्षमता के साथ फर्टिलाइजर कारखाना चल रहा है।

भारत के अंदर परमवीर चक्र विजेता हमारे लिए महान हैं। विदेशी आक्रांता हमारे लिए महान नहीं हो सकता। जिन लोगों ने इतिहास में छेड़छाड़ करके विदेशी आक्रांताओं को महान बनाने का कुत्सित प्रयास किया था, वह गुलामी की मानसिकता है।

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