ठंडी हवाओं के चलते गिरा पारा , दिन में भी दिखा कोहरा
भोपाल में पिछले चार दिनों से लगातार सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन के समय भी ठंड का असर साफ नजर आय

स्टार इंडिया न्यूज प्रतिनिधि भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक कड़ाके की ठंड बने रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में शीतलहर और कुछ जगहों पर कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। उत्तरी बर्फीली हवाओं के कारण तापमान तेजी से गिरा है और पारा 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया हैमध्य प्रदेश इस समय भीषण ठंड की चपेट में है। अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में कोल्ड वेव यानी शीतलहर का प्रभाव बना रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, शाजापुर, जबलपुर, सिवनी और शहडोल के लिए कोल्ड वेव अलर्ट, जबकि नरसिंहपुर में कोल्ड डे की चेतावनी जारी की है। हालात ऐसे हैं कि न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच सकता है।बर्फीली हवाओं से कंपकंपा प्रदेश उत्तर भारत से आ रही सर्द और बर्फीली हवाओं ने प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है। कई शहरों में रात का तापमान 6 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया है। शहडोल जिले के कल्याणपुर में सबसे कम 4.2 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। वहीं, भोपाल में पिछले चार दिनों से लगातार सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन के समय भी ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। रविवार और सोमवार की रात प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। इंदौर में तो बीते 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री दर्ज किया गया, जो 2015 के बाद सबसे कम है। कल्याणपुर सबसे ठंडा, पचमढ़ी भी कांपा

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सबसे ठंडा इलाका कल्याणपुर (4.2 डिग्री) रहा। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, उमरिया में 5.6, राजगढ़ में 6, नौगांव 6.5 और रायसेन में 7 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। कई अन्य शहरों में भी पारा 8 से 9 डिग्री के बीच रहा। उज्जैन में इस सीजन की अब तक की सबसे सर्द रात दर्ज की गई, जहां तापमान 9 डिग्री तक गिर गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री, ग्वालियर में 8.9 डिग्री और जबलपुर में 8.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
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मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से गिरा है। इन क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश को प्रभावित कर रही हैं। इसके अलावा, ऊंचाई पर करीब 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही हवाएं सर्दी को और तीखा बना रही हैं। अरब सागर में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण नमी बढ़ी, जिससे ठंड का असर और गहरा हुआ।


