इंदौर में अतिक्रमण हटाने पर अधिकारी के खिलाफ FIR
अतिक्रमण हटाने पर दुकान वालो का जमकर हंगामा

स्टार इंडिया न्यूज प्रतिनिधि,। बुधवार को कनाड़िया रोड और बंगाली चौराहे पर नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाने अभियान के दौरान जमकर हंगामा हो गया। सुबह आयुक्त दिलीप कुमार यादव निरीक्षण के लिए इलाके में पहुंचे थे। सड़क किनारे लगी अस्थाई दुकानों, गुमटियों और कब्जों को देखकर उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद निगम का रिमूवल अमला बिना पुलिस बल के ही क्षेत्र में पहुंच गया।

शुरुआत बंगाली चौराहे से हुई, जहां सब्जी-फलों की दुकानों के साथ सड़क किनारे बनी गुमटियाँ भी हटाई जा रही थीं। इसी दौरान सेवंथ डे स्कूल के सामने लगी एक गजक की दुकान को हटाने पर कुछ लोग भड़क गए। देखते ही देखते गाली-गलौज शुरू हो गई और गजक दुकान से जुड़े लोगों ने सहायक रिमूवल अधिकारी अश्विन कल्याणे को घेरकर पीटना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और निगम अमले को तत्काल कार्रवाई रोकने पर मजबूर होना पड़ा।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे अमले संग कनाड़िया थाना पहुंचे। अश्विन कल्याणे की शिकायत पर पुलिस ने गजक दुकान लगाने वाले राकेश जोशी और उदय जोशी के खिलाफ बीएनएस की धारा 132, 121, 296 सहित अन्य धाराओं में शासकीय कार्य में बाधा पहुँचाने और मारपीट का प्रकरण दर्ज किया।दोपहर बाद पुलिस सुरक्षा के साथ निगम का अमला फिर कनाड़िया रोड पर पहुंचा और अभियान को दोबारा शुरू किया। शाम छह बजे तक चले अभियान में सड़क के दोनों ओर लग रही 50 से ज्यादा दुकानें, ठेले, गुमटियां और 100 से अधिक होर्डिंग हटाए गए। निगम टीम ने बंगाली चौराहा–होलकर प्रतिमा से लेकर बायपास चौराहे तक सड़क किनारे से कुल दस ट्रक सामान जब्त कियाअवैध वसूली के आरोप
अभियान के दौरान कई दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उनसे अस्थाई दुकान लगाने के बदले पैसे वसूले जा रहे थे। दुकानदारों का कहना था कि क्षेत्र में ‘पटेल’ नामक एक व्यक्ति हर दुकानदार से हजारों रुपये महीना लेता है और दावा करता है कि इस रकम में निगम और कुछ स्थानीय नेताओं का हिस्सा भी शामिल है। हालांकि दुकानदार कोई रसीद या प्रमाणपत्र नहीं दिखा सके। बताया गया कि जहाँ दुकानें लग रही थीं, उस जमीन काअतिक्रमण दोबारा नहीं होने दिए जाएंगे



