प्रदेश के विभिन्न उपभोक्ता आयोगों में बीमा कंपनियों,कोचिंग केंद्रों और अन्यनिजी संस्थाओं द्वारा की जा रही धोखाधड़ी
मंत्री ने बताया कि पूरे प्रदेश में सबसे अधिक शिकायतें उज्जैन जिले में एक ही बीमा कंपनी के विरुद्ध दर्ज की गई

स्टार इंडिया न्यूज प्रतिनिधि भोपाल । भोपाल प्रदेश के विभिन्न जिला उपभोक्ता आयोगों में बीमा कंपनियों, कोचिंग केंद्रों और अन्य निजी संस्थाओं द्वारा भ्रामक प्रचार-प्रसार के माध्यम से उपभोक्ताओं से की जा रही धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। उपभोक्ता आयोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 49 प्रकरण पंजीबद्ध हुए हैं, जिनमें से 27 मामलों का निराकरण किया जा चुका है विशेष बात यह है कि निराकृत 27 प्रकरणों में से 22 मामलों में निर्णय उपभोक्ताओं के पक्ष में आया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भ्रामक प्रचार और गुमराह करने की शिकायतें तथ्यात्मक रूप से सही पाई गईं।इसके लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीकी है।उपभोक्ता आयोगों ने इन मामलों की सुनवाई उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत विधिवत प्रक्रिया अपनाकर की। विभागीय स्तर पर ऐसी कंपनियों के विरुद्ध सीधे कार्रवाई का प्रावधान नहीं होने के बावजूद आयोगों ने कानून सम्मत तरीके से उपभोक्ताओं को राहत दिलाई है।अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को सतर्क रहकर ऐसे प्रचारों की सत्यता की जांच करनी चाहिए, क्योंकि निजी कंपनियों द्वारा आकर्षक योजनाओं के नाम पर भ्रम फैलाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी नीमच से विधायक दिलीप सिंह परिहार द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दी। मंत्री ने बताया कि पूरे प्रदेश में सबसे अधिक शिकायतें उज्जैन जिले में एक ही बीमा कंपनी के विरुद्ध दर्ज की गई हैं, जो चिंताजनक स्थिति दर्शाती है। उपभोक्ता अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती तकनीक और डिजिटल प्रचार के युग में भ्रामक विज्ञापनों से धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को अधिक जागरूक होने और किसी भी वित्तीय या शैक्षणिक सेवा का चयन करने से पहले पूरे नियम और शर्तों की जांच करने की आवश्यकता है।


