ई-रिक्शा की बैटरी फटने से एक महिला की मौत, ओवर चार्जिंग, सफाई में कोताही और डिस्टिल्ड वाटर बदलने में भी लोग कर रहे लापरवाही
E-riksha

स्टार इंडिया न्यूज प्रतिनिधि,जबलपुर। इंदौर में गत दिनों ई-रिक्शा की बैटरी फटने से एक महिला की मौत के बाद ई-रिक्शों के संचालन पर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल के कुछ वर्षों में जबलपुर में भी ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ी है। शहर की सड़कों पर तकरीबन 10 हजार ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। इनमें से अधिकांश ई-रिक्शा चालक रिक्शे की बैटरी का नियमित तरीके से रखरखाव नहीं करते, ओवर चार्जिंग, सफाई में कोताही और डिस्टिल्ड वाटर बदलने में भी लापरवाही की जा रही है। बैटरी चार्जर पर भी ध्यान नहीं देते। ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिसमें 14 से 15 वाट क्षमता से चार्ज होने वाली बैटरी चार्जर खराब होने के बाद 17 से 18 वाट क्षमता से चार्ज करते हैं। जिससे बैटरी में हीट पैदा होती है और ये ब्लास्ट का कारण बन सकती है। शहर में 10 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं, सवारी बैठाने के चक्कर में कहीं भी खड़े हो जाते हैं। जिससे यातायात व्यवस्था भी ध्वस्त हो रही है। रिक्शा के पहिये छोटे होने से गड्ढों में अक्सर इनके पलटने की संभावना बनी रहती है, इसलिए


