अवैध-शराब चोरी के शक में ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या की:अहमदाबाद से पकड़े गए दोनों मालिक; चंडीगढ़ से लाकर गुजरात में करते थे तस्करी

चोरी के शक में मालिक ने ही अपने ड्राइवर और खलासी को किडनैप कर लिया। दोनों को बेरहमी से पीटा। इसके बाद ड्राइवर को घायल हालत में बाड़मेर के गुड़ामालानी से गुजर रहे मेगा हाईवे पर फेंक कर चले गए। इलाज के दौरान ड्राइवर की मौत हो गई। जबकि गंभीर घायल हुए खलासी का इलाज जारी है।
घटना 17 नवंबर को जिले के गुड़ामालानी कस्बे के डाबड़ गांव की है। घटना के दस दिन बाद पुलिस ने घेवरचंद और अनिल को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए है।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी घेवरचंद गुजरात के राजकोट में इमिटेशन ज्वेलरी का काम करता था, लेकिन उसमें इनकम कम हुई तो राजकोट में ही साथी अनिल के साथ मिलकर शराब तस्करी का काम शुरू किया।
दोनों चंडीगढ़ से ट्रक में अवैध शराब लाते थे और उसकी गुजरात में तस्करी करते थे। इसके लिए घटना से करीब 20 से 25 दिन पहले खलासी मुकेश कुमार पुत्र टीकमाराम और पेमाराम निवासी मांगता को ड्राइवर के रूप में रखा था। दोनों ने जब दौसा के बांदीकुई में शराब तस्करी की सूचना दी तो शक उन्हीं पर हुआ। इसी कारण दोनों से मारपीट की गई थी।

आरोपियों ने ड्राइवर और खलासी को किडनैप कर पीटा था एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- एक महीने पहले दोस्त सगताराम पुत्र हरीराम निवासी कातरला की स्कॉर्पियो में अनिल और घेवर गुजरात से बीकानेर घूमने आए थे। अनिल ने सगताराम से शराब का ट्रक चलाने के लिए ड्राइवर और खलासी भेजने की बात की थी। इसके बाद सगताराम ने पीड़ित मुकेश कुमार और पेमाराम को ट्रक पर ड्राइविंग के काम के लिए भेजा।
आरोपियों ने सगताराम के जरिए 50 हजार रुपए कैश खाने और गाड़ी में तेल भरवाने के लिए पेमाराम को दिए थे। इसके बाद हरियाणा के हिसार में आरोपियों ने सहयोगियों से ड्राइवर और खलासी को एक ट्रक उपलब्ध करवाया।
14 नवंबर की रात भालूराम ने भंटिडा से गाड़ी में शराब भरी, फिर गुजरात ले जाने के लिए पेमाराम और मुकेश कुमार को गाड़ी सौंप दी थी। दोनों ट्रक लेकर अंबाला, पानीपत, सोनीपत, गुडगांव के रास्ते से अहमदाबाद गुजरात आ रहे थे।
दौसा में ट्रक को बदमाशों ने लूटा, बताया तो मारपीट की
बांदीकुई (दौसा) के पास शराब से भरे ट्रक से शराब को लूटने के संबंध में पेमाराम व मुकेश कुमार ने सगताराम को मोबाइल फोन से सूचना दी। इस पर सगताराम ने बात आगे अनिल व घेवरचंद को बताई। अनिल ने घेवरचंद को अहमदाबाद से कार से भेजा, जिसमें राजूभाई सहित अन्य 2 साथी भी आए थे।
तस्करों को संदेह था कि बांदीकुई के पास ड्राइवर व खलासी ने अवैध शराब को बेच दिया। इसके बाद पेमाराम और मुकेश कुमार को लेकर फतेहाबाद(हरियाणा) भालुराम के पास ले गए। वहां पूछताछ की और मारपीट की। दोनों को अनिल के साथ भारतमाला एक्सप्रेस वे के रास्ते रवाना किया गया। वापसी में बाड़मेर लाते समय अनिल कार लेकर रास्ते में मिला, जिसने ड्राइवर और खलासी को अपने साथियों के साथ गाड़ी में बैठा लिया और ड्राइवर व खलासी के साथ फिर मारपीट की।

मेगा हाइवे पर गंभीर हालत में पेमाराम को फेंक गए बालोतरा से आगे निकलते ही मुकेश को गाड़ी से फेंक कर चले गए। वहीं पेमाराम के साथ गंभीर मारपीट कर गांव डाबड में सड़क के किनारे मेगा हाईवे पर फेंक गए, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं मुकेश का इलाज जारी है। पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई के जसोल थाना बालोतरा भेजी गई। इस पर जसोल में मामला दर्ज किया गया।
जोधपुर रेंज आईजी के आदेश पर एएसपी नीतेश आर्य बाड़मेर को जांच दी गई। इसके बाद आरोपी घेवरचंद निवासी बूल और अनिल कुमार निवासी विष्णु नगर सरवाना जिला जालोर को अहमदाबाद से डिटेन किया। पूछताछ के बाद दोनों को आज गिरफ्तार कर लिया गया।
शराब ला रही गाड़ियों को खुद एस्कॉर्ट करते थे पूछताछ में सामने आया कि शराब तस्कर नए ड्राइवरों को शराब से भरे ट्रक देकर माल चंडीगढ से मंगवाते थे। उस ट्रक में जीपीएस सिस्टम लगा देते थे। वहीं तस्करों की ओर से शराब की एस्कॉर्ट करवाते थे, लेकिन इस बार वे एस्कॉर्ट नहीं कर रहे थे। मामले में आरोपी अनिल कुमार निवासी जालोर, शराब तस्कर मनोहर विश्नोई निवासी बावरवाला के संपर्क में आकर चंडीगढ़ से शराब लाकर गुजरात में राजकोट और अहमदाबाद के एरिया में सप्लाई करता था।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी घेवरचंद शराब गाड़ियों की तस्करी करता था। चंडीगढ़ में अवैध शराब राजूभाई निवासी चोटिला राजकोट व लालभाई निवासी अहमदाबाद को देना व इनके ओर से आग सप्लाई करते थे। अनिल और घेवर के साथ में रमेश निवासी झोटडा जालोर, लक्ष्मण भारती निवासी मिठड़ा, ओमप्रकाश निवासी रोहला भी शराब तस्करी में सहयोग करते हैं। फिलहाल आरोपियों से शराब नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है।



