
गिरिडीह में मंगलवार देर रात जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड अचानक आबादी वाले इलाकों में सक्रिय हो गया। रात करीब 11 बजे से लेकर तड़के तक तेलोडीह पंचायत, खुट्टा मोहल्ला और जमुआ मुख्य मार्ग के आसपास हाथियों की लगातार हलचल बनी रही। 20 से 25 की संख्या में मौजूद इन हाथियों ने कई जगहों पर तबाही मचाई, जिससे ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई।

कई किसानों की धान की खड़ी फसल किसानों ने बर्बाद कर दी।

हाथियों का झुंड सबसे पहले पंचायत सचिवालय के पास देखा गया, जहां से वे खुट्टा मस्जिद के बगल वाली गली में पहुंच गए। अचानक इस मोहल्ले में प्रवेश करते ही उन्होंने एक बाउंड्री वॉल तोड़ दिया। इसके बाद पूरा झुंड खेतों की ओर बढ़ गया, जहां धान की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी रातभर खेतों में घूमते रहे, जिससे कई किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं।
घरों से बाहर निकलने से डरते रहे लोग

गांव में हाथियों के मूवमेंट की वजह से स्थिति इतनी भयावह हो गई कि लोग अपने घरों से बाहर ही नहीं निकल पा रहे थे। कई ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के जोरदार आवाज और खेतों में तोड़फोड़ की आवाज पूरी रात सुनाई देती रही।
गिरिडीह–जमुआ मुख्य मार्ग पर भी हाथियों का बड़ा झुंड देखा गया।
हाथियों के गांव में आने की जानकारी मिलते ही तेलोडीह पंचायत के मुखिया शब्बीर आलम सहित ग्रामीण एक्टिव हो गए। उन्होंने रात में ही सभी मोहल्लों की मस्जिदों के माइक से घोषणा कर ग्रामीणों को घरों में रहने और सुरक्षित रहने की अपील की। इसके बाद ग्रामीणों ने हाथियों को सुरक्षित भगाने का प्रयास किया। मौके पर वन विभाग की टीम भी मौजूद रही।
जमुआ रोड पर भी दिखा हाथियों का विशाल झुंड
इसी बीच, देर रात गिरिडीह–जमुआ मुख्य मार्ग पर भी हाथियों का बड़ा झुंड देखा गया। घोरेंजो मेन रोड पार करते समय बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, लेकिन भीड़ के बावजूद हाथियों ने किसी पर हमला नहीं किया। झुंड डुमरडीहा से होता हुआ बेंगाबाद की ओर निकल गया।
हाथियों ने कई बाउंड्रीवॉल भी गिरा दिए।
यहां हाथियों के मूवमेंट के बीच किसी तरह के जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन किसानों के खेतों में भारी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर धान की फसलें पूरी तरह रौंद दी गईं। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने, प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। फिलहाल हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है।



