NHRC ने MP के मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी कर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है। आरोप है कि उज्जैन से अयोध्या जा रही यात्रा में भीड़ बढ़ाने के लिए बच्चों को पैसे देकर शामिल किया गया और आपत्तिजनक राजनीतिक नारे लगवाए गए। MeitY को वीडियो-फोटो की जांच के भी निर्देश दिए गए हैं। यात्रा 20 Oct को उज्जैन से शुरू हुई थी।
यात्रा के दौरान जब मीडियाकर्मियों ने दिग्विजय सिंह से तीखे सवाल पूछे, तो उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "जो लोग बेशर्म होंगे, उन्हें इस यात्रा से फर्क पड़ेगा और जिनमें शर्म नहीं है, उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।" उनके इस बयान नेराजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी। यात्रा की आधिकारिक प्रवक्ता अमृता राय ने कहा कि यात्रा का कितना प्रभाव पड़ रहा है, इसका आकलन जनता और श्रद्धालु स्वयं करेंगे।
उन्होंने बीती रात हुई बारिश का जिक्र करते हुए इसे भगवान शिव के गंगा स्वरूप आशीर्वाद से जोड़ा। उनके अनुसार, बारिश से यात्रियों का उत्साह और बढ़ा है।कानीपुरा से आगे बढ़ी यात्रा ने देवनखेड़ी-ताजपुर में अपना पहला पड़ाव पूरा किया। इसके बाद यात्रा ग्राम सिंदुरिया की ओर रवाना हुई, जहां रात्रि विश्राम निर्धारित किया गया है। यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ते रथ, कलश यात्रा और डीजे की धुन पर झूमते भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए दिग्विजय सिंह की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत पूरी पदयात्रा में केवल निर्धारित दो नारे ही लगाए जाएंगे।


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