भोपाल। स्थानीय मौसमी तंत्र के कमजोर पड़ते ही प्रदेश का आसमान लगभग साफ हो गया है। शनिवार को केवल ग्वालियर के ऊपर ही हल्के बादल देखे गए। इसकी वजह से प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के मैदानी भूभाग और पश्चिम के पठार में तापमान ने एकदम से गोता लगा दिया है। शनिवार को कटनी के पास करोंदी का तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं इंदौर का तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पचमढ़ी के तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से कम रहे। एक दिन पहले पचमढ़ी का न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस मापा गया था। वहीं करोंदी में यह 13 डिग्री सेल्सियस था।
अमरकंटक, दमोह, शाजापुर के गिरवर और बैतूल में भी रात में ठंड अचानक से बढ़ गई है। दिन के तापमान में भी एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई।मंदसौर और रतलाम सबसे गर्म शहर रहे, जहां दिन का अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। भोपाल का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। वहीं न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि तापमान में यह गिरावट अगले तीन दिन तक बनी रहेगी।

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ दिनों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के कारण 28 से 30 अक्टूबर के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश की संभावना बन रही है।


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