भोपाल। शहर में नोटरी व्यवस्था को लेकर एक शिकायत ने निगरानी और नियमन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता अधिवक्ता लालचंद भारके का दावा है कि भोपाल में करीब 140 नोटरी अधिवक्ता नियुक्त हैं, जबकि इनके नाम से संचालित होने वाले नोटरी कार्यालयों की संख्या एक हजार से अधिक है।उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर नोटरी की अनुपस्थिति में दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं और पर्याप्त स्टांप शुल्क के बिना शपथ पत्र प्रमाणित किए जा रहे हैं। शिकायत में नोटरी अधिवक्ता गुलाम निजामुद्दीन अनवर सिद्दीकी के खिलाफ भी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं।

30 सितंबर 2026 को दी गई शिकायत में भारके ने कहा है कि एक शपथ पत्र उनके नाम से तैयार कराया गया और उस पर नोटरी अधिवक्ता की उपस्थिति तथा प्रक्रिया को लेकर आपत्ति है। शिकायतकर्ता के अनुसार शपथ पत्र पर पर्याप्त स्टांप शुल्क नहीं लगाया गया और नोटरी टिकट भी चस्पा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शपथ पत्र प्रमाणित करने वाले नोटरी अधिवक्ता मौके पर मौजूद नहीं थे और प्रतिनिधि के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की गई। प्रतिनिधि से नोटरी कार्य पर सवालशिकायतकर्ता ने कहा है कि नोटरी को अपने नियुक्त स्थान पर उपस्थित रहकर नोटरी कार्य करना होता है और किसी दूसरे व्यक्ति को प्रतिनिधि बनाकर नोटरी कार्य नहीं कराया जा सकता। उनका आरोप है कि कुछ कार्यालयों में अन्य व्यक्ति दस्तावेज तैयार कर रहे हैं।
हालांकि इन आरोपों की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही होगी। शिकायत में नोटरी कार्य के दौरान खाली कागज पर हस्ताक्षर कराने का आरोप भी लगाया गया है। भारके ने जिला नोटरी अधिवक्ता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष को शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।


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