भोपाल। भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के ‘मैं कमीशन नहीं लेती’ बयान पर जमकर हंगामा हुआ। भाजपा पार्षदों ने बयान पर आपत्ति जताते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की। वहीं, कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि जकी ने किसी पर आरोप नहीं लगाया, बल्कि अपने बारे में बात कही थी।
आईएसबीटी स्थित मीटिंग हॉल में हुई बैठक की शुरुआत में निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने सरकार द्वारा नियुक्त 12 एल्डरमैन और नए निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार का परिचय कराया। इसके बाद प्रश्नकाल और एजेंडे के प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान कई मुद्दों पर पक्ष-विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए।
बैठक में न्यू मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग के चौथे फ्लोर स्थित हॉल को किराए पर देने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विवाद शुरू हुआ। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा, ‘मैं कमीशन नहीं लेती।’ इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई और अध्यक्ष की आसंदी घेर ली। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि बिना तथ्यों और सबूतों के इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जकी के बयान को आपत्तिजनक बताते हुए कार्यवाही से विलोपित करने और शब्द वापस लेने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति होने पर कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा पर बात का बतंगड़ बनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जकी ने यह बात अपने लिए कही थी, किसी दूसरे पर आरोप नहीं लगाया था।

शबिस्ता जकी ने भी कहा कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया और उनके बयान की पुष्टि के लिए बैठक की वीडियोग्राफी देखी जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने शब्दों के लिए माफी नहीं मांगेंगी। दूसरी ओर, भाजपा पार्षदों ने उनके बयान को अनुचित बताते हुए माफी की मांग जारी रखी।
एमआईसी सदस्य रविंद्र यती सहित भाजपा पार्षदों ने कहा कि सदन में इस तरह के बयान से गलत संदेश जाता है। हंगामे के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने भी अध्यक्ष की आसंदी के पास पहुंचकर विरोध जताया। इसके बाद सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस पार्षद देवांशु कंसाना ने दूषित पानी और उसकी जांच का मुद्दा उठाया। एमआईसी सदस्य रविंद्र यती ने बताया कि पानी के चार सैंपल फेल हुए थे, जो निजी ट्यूबवेल के थे। उन्होंने दूषित पानी से जुड़ी 901 शिकायतों का निराकरण किए जाने की जानकारी भी दी। कंसाना ने अपने वार्ड में चार इंच की जगह छह से आठ इंच की पाइपलाइन बिछाने की मांग की। इस मांग का भाजपा के वरिष्ठ पार्षद सुरेंद्र बाडिका और एमआईसी सदस्य मनोज राठौर ने भी समर्थन किया।वार्ड-5 के कांग्रेस पार्षद अशोक मारण ने विसर्जन घाट पर खर्च की गई राशि और नए घाट के निर्माण की स्थिति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि महापौर की घोषणा के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है, जिससे संत नगर के लोगों को परेशानी हो रही है। संबंधित एमआईसी सदस्य ने लिखित जवाब देने की बात कही। कांग्रेस पार्षद मो. सरवर ने सभी 85 वार्डों में सफाईकर्मियों की कमी का आकलन कर जरूरत के मुताबिक भर्ती करने की मांग की। बैठक में निगम के बजट, कर्मचारियों, अवैध कब्जों और संपत्तियों के उपयोग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।


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