दमोह। सामाजिक समरसता, एकता और राष्ट्रवाद का संदेश लेकर निकली बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता यात्रा को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रृद्धालु शामिल हो रहे है, जगह-जगह लोगों द्वारा पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया जा रहा है।
यात्रा के माध्यम से जातिगत भेदभाव को समाप्त कर समाज में एकता, भाईचारे और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया जा रहा है। यात्रा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि समाज को जातिवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने लोगों से आपसी भेदभाव भुलाकर एकजुट रहने और समाज को बांटने वाली प्रवृत्तियों के बजाय जोड़ने वाले विचारों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

बागेश्वर महाराज ने अपने संदेश में सामाजिक एकता और समरसता को विशेष महत्व दिया, उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती आपसी सद्भाव, सहयोग और एकजुटता में है। जातिगत भेदभाव को समाप्त कर सभी वर्गों के बीच समानता और भाईचारे की भावना विकसित करना आवश्यक है। राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। यात्रा में शामिल श्रृद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है, मार्ग में जगह-जगह लोगों की भीड़ जुट रही है। श्रृद्धालु महाराज के दर्शन करने के साथ यात्रा में शामिल होकर सनातन हिंदू एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने में सहभागिता कर रहे है।
यात्रा में शामिल लोगों का कहना है कि समाज में शांति, सद्भाव और परस्पर सम्मान की भावना मजबूत होना जरूरी है। आपसी सहयोग और एकजुटता से ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है। नशामुक्ति का संदेश भी दे रहे महाराज पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यात्रा के दौरान सामाजिक बुराइयों के प्रति भी लोगों को जागरूक कर रहे है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत परिवारों को प्रभावित करती है और युवाओं के भविष्य के लिए भी नुकसानदायक है, इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को नशामुक्ति के प्रयासों में सहयोग करना चाहिए। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने लव जिहाद के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी, उन्होंने बच्चियों को संबोधित करते हुए कहा कि काली और देवी बनना है न कि बुर्का वाली, उनके इस बयान को लेकर धार्मिक और सामाजिक विषयों पर चर्चा का माहौल बना। यात्रा में शामिल श्रृद्धालु सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, राष्ट्रवाद और नशामुक्ति के संदेश को जन-जनतक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।
सनातन हिंदू एकता यात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्वागत की तैयारियां की गईं, स्थानीय नागरिकों और श्रृद्धालुओं ने पुष्पमालाओं एवं पुष्पवर्षा के साथ यात्रा का स्वागत किया। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति से उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। कुल मिलाकर बागेश्वर महाराज की यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता, जातिगत भेदभाव से मुक्ति, राष्ट्रवाद, आपसी भाईचारे और नशामुक्ति जैसे विषयों को लेकर चर्चा में है। यात्रा के माध्यम से समाज को एकजुट करने और लोगों को सकारात्मक सामाजिक बदलाव के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है।


Comments
Be the first to comment on this story.